“दद्दा जी” की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाएगा सकरवारा का धार्मिक महोत्सव
युवा कथावाचक आदित्य प्रभाकर शास्त्री कराएंगे श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन

“दद्दा जी” की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाएगा सकरवारा का धार्मिक महोत्सव
युवा कथावाचक आदित्य प्रभाकर शास्त्री कराएंगे श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन

कटनी,यशभारत। मानस मर्मज्ञ, अनंत विभूषित, ब्रह्मलीन गृहस्थ संत परम पूज्य पंडित देव प्रभाकर शास्त्री “दद्दा जी” की आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से बहोरीबंद के बाकल अंतर्गत ग्राम सकरवारा में 6 जून से 12 जून तक असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दद्दा जी द्वारा स्थापित सनातन संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा यह आयोजन क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। गृहस्थ संत डॉ. अनिल त्रिपाठी के सानिध्य में आयोजित इस सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से श्रद्धालु अपने हाथों से असंख्य पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण करेंगे। इसके उपरांत प्रातः 10 बजे महारुद्राभिषेक संपन्न होगा। पार्थिव शिवलिंग निर्माण की यह परंपरा दद्दा जी की साधना और जनकल्याणकारी धार्मिक अभियानों की प्रमुख पहचान रही है, जिसे आज भी उनके अनुयायी श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा का रसास्वादन सुप्रसिद्ध युवा कथावाचक आदित्य प्रभाकर शास्त्री कराएंगे, जो अपने मुखारविंद से श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों की अमृतधारा से जोड़ेंगे। इस कार्यक्रम के आयोजक रैकवार परिवार ने क्षेत्र के समस्त गुरु भाइयों, श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार उपस्थित होकर ब्रह्मलीन दद्दा जी की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस महाआयोजन का लाभ लेने की अपील की है। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि दद्दा जी द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति, सेवा और साधना की परंपरा का उत्सव है।







