इलाज के नाम पर ले गए थे पंजाब, लाखों ऐंठे, तालाब में डुबकी लगवाने के साथ नशीली दवाईं भी पिलाई, जबरन धर्मांतरण प्रकरण में बढ़ा जांच का दायरा

यश भारत फॉलोअप जबलपुर। अधारताल थाना अंतर्गत सुहागी पटेल नगर स्थित एक घर मेें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दवाइयों, इलाज और पैसों का लालच देकर धर्मांतरण कराने जाने के मामले में की जांच में नया खुलासा हुआ है। जबरन धर्मांतरण कराने वाला गिरोह एक पीडि़ता की बेटी को ठीक करने और उसके इलाज के नाम पर पंजाब तक ले गए थे। इसके अलावा दो लाख रूपए नगद और दो लाख रूपए के जेवर भी ऐंठे थे। इसके अलावा तालाब में डुबकी लगवाने के साथ नशीली दवाईयां भी पिलवा रहे थे। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है जिसमें और नए खुलासे होने की उम्मीद हैं।
पुलिस के मुताबिक पटेल नगर महाराजपुर निवासी 24 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि प्रीति जैन , हरिओम केवट, नमिता रैकवार, कविता रैकवार एवं निकिता रैकवार ने धर्मांतरण का दबाब बनाकर धर्म जबरदस्ती परिवर्तन कराते ,पैसे एवं जेवर लेकर धोखाधडी लिए है। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। जांच आगे बढ़ी और पीडि़ता के बयान लिए तो यह बात सामने आई कि पीडि़ता की बेटी की एक साल पहले तबियत खराब थी तभी उसकी पहचान प्रीति जैन एवं हरिओम केवट से हुयी थी उनके द्वारा कहा गया की तुम हमसे लगातार मिलने आया करो एवं जो हम कहते है वह करो जिससे तुम्हारी लडकी की तबियत ठीक हो जायेगी एवं ईशु मसीह की प्रार्थना करो जिससे तुम्हारी लडकी सही हो जायेगी एवं कुछ नशीली दवाईयाँ उसे एवं उसके पति को पीलाते थे जिसे वह लोग ईशु मसीह का लहु कहते थे और, कहते थे की हमारा धर्म अपना लो एवं बच्चे को भी अपने पास रखते थे। धर्म परिवर्तन करवाने के लिये तिलवारा के आगे तालाब में ले जाकर डुबकी लगवाते थे एवं दो बार पंजाब भी जबरदस्ती लेकर गये थे , जहाँ ले जाकर कहते थे कि तुम्हारा बच्चा नरोला के चर्च पंजाब ले जाने से ठीक हो जायेगा । लगभग उन्होने एक साल में दो लाख नगद एवं लगभग दो लाख के जेबर भी ले लिये थे। दस दिन पूर्व प्रीति जैन एवं हरिओम केवट अन्य उसके घर आये थे और कहा की यदि तुम हमारा धर्म नही अपनाओगे तो तुम्हारी जान को भी खतरा है।







