आसमानी आफत: नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर, जबलपुर-अमरकंटक हाईवे पर थमे पहिए…. देखें पूरे वीडियो

बिलगढ़ा बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला, भारी बारिश के चलते आंगनबाडी और विद्यालय की छुट्टी
यशभारत डिंडौरी। जिले में शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। मध्यप्रदेश की जीवन दायिनी मां नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने से नदी किनारे बसे क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर देखने को मिला। जोगी टिकरिया गांव के पास स्थित पुल बाढ़ के पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे पर आवागमन बंद कर दिया गया। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जलस्तर एवं पुल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बिलगढ़ा बांध का अतिरिक्त गेट खोला
लगातार बारिश के चलते जिले के प्रमुख और सबसे बड़े जलाशयों में शामिल बिलगढ़ा बांध के कैचमेंट एरिया में भी पानी की आवक बढ़ गई। जलभराव की स्थिति को देखते हुए बांध का एक अतिरिक्त गेट खोल दिया गया है। इससे बांध से पानी की निकासी बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग द्वारा बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर निगरानी रखी जा रही है।
बांध के अतिरिक्त गेट खोले जाने के बाद निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से नदी-नालों और जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है।
स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में रहा अवकाश
लगातार बिगड़ते मौसम और बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में शनिवार को अवकाश घोषित किया। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान बच्चों को आवागमन में होने वाली संभावित परेशानी और जोखिम से बचाना था।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
लगातार बारिश के बीच जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलाशयों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों और नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
बारिश का दौर जारी रहने से आने वाले घंटों में नदी-नालों के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।







