कटनी

आपका सारथी कौन : सुरक्षित यातायात के लिए अभिनव पहल, आटो व ई-रिक्शा चालकों को मिले क्यूआर कोड

कटनी, यशभारत। शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाने के लिए आपका सारथी कौन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों की पहचान सुनिश्चित करना, उनकी जवाबदेही तय करना तथा आम नागरिकों एवं यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में यातायात थाना में थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 100 से अधिक ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों को विशेष क्यूआर कोड एवं चालक बैच वितरित किए गए। यह क्यू आर कोड व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा एवं पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। क्यू आर कोड स्कैन करने पर संबंधित चालक एवं वाहन की आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, जिससे यात्रियों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। इस मौके पर यातायात थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर एवं सूबेदार सोनम उइके द्वारा चालकों को यातायात नियमों, सडक़ सुरक्षा एवं वाहन संचालन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। चालकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने वाहनों के समस्त वैध दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट एवं अभिलेख रखें।
यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी ऑटो एवं ई रिक्शा
यातायात थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर ने कहा कि ऑटो एवं ई रिक्शा चालक शहर की यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यात्रियों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक सफर सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी चालक नियमों का पालन करेंगे, तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनेगी। हमारा उद्देश्य केवल वैधानिक कार्यवाही करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक एवं यात्री को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाना है। आपका सारथी कौन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इन नियमों का करें पालन
निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं। शराब अथवा नशे की स्थिति में वाहन संचालन न करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। अचानक वाहन रोककर सवारी न बैठाएं अथवा न उतारें। किसी मोड़, चौराहे अथवा व्यस्त मार्ग पर सवारी चढ़ाने.उतारने से बचें, जिससे अन्य वाहन चालकों एवं यात्रियों को असुविधा एवं दुर्घटना की संभावना उत्पन्न न हो।

 

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