मध्य प्रदेशराज्य

सागर – दमोह – जबलपुर का सफर होगा आसान : कलेक्टर  एक्शन मोड में…आधुनिक कॉरिडोर में 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल और एक आरओबी सहित कुल 55 जंक्शनों का निर्माण प्रस्तावित

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सागर , यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ क्षेत्रीय विकास की धुरी माने जाने वाले सागर-दमोह फोरलेन मार्ग के निर्माण को लेकर जिला कलेक्टर संदीप जी आर अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गए है। उन्होंने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि भू-अर्जन और वन विभाग से जुड़ी अनापत्ति की कागजी प्रक्रियाओं को तत्काल पूर्ण करें। कलेक्टर की इस सक्रियता से साफ है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए गंभीर है, ताकि निर्माण एजेंसी की नियुक्ति कर काम शुरू किया जा सके।

करीब 2059.85 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल सागर और दमोह के बीच की दूरी को सुगम बनाएगी, बल्कि जबलपुर तक के सफर को भी बेहद आसान और समय की बचत करने वाला बना देगी। कलेक्टर ने बैठक में रेखांकित किया कि यह मार्ग शासन की प्राथमिकता में है और इसके निर्माण में आने वाली हर बाधा को समय सीमा के भीतर दूर किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने सागर-रहली-तेंदूखेड़ा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण को लेकर भी निर्देशित किया, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि निर्माण एजेंसी तय हो चुकी है और काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

निर्माण कार्यों के साथ-साथ आम जनमानस की सुरक्षा कलेक्टर की प्राथमिकता में शीर्ष पर रही। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विशेष रूप से जहां डायवर्जन दिया गया है, वहां बड़े और स्पष्ट ‘साइनेज बोर्ड’ लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग की सभी निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परियोजना की तकनीकी बारीकियों पर गौर करें तो 76.680 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को ‘हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल’ (HAM) के तहत विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक कॉरिडोर में 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल और एक आरओबी सहित कुल 55 जंक्शनों का निर्माण प्रस्तावित है। भू-अर्जन के लिए अलग से 323.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कलेक्टर की इस समयबद्ध समीक्षा और कड़े रुख से उम्मीद जागी है कि बरसों पुराना यह फोरलेन सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलकर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई इबारत लिखेगा।

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