यश भारत विशेष : मां शारदा के दर्शन के बाद दूल्हा देव के दरबार पहुंचते हैं भक्त, शराब का भोग चढ़ाने की अनोखी परंपरा… देखें पूरे वीडियो
नारियल, फूल और मिठाई भी चढ़ाते हैं श्रद्धालु, भक्तों की मान्यता—दूल्हा देव पूरी करते हैं मनोकामनाएं

सतना/ मैहर।। मां शारदा की नगरी मैहर में लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन त्रिकूट पहाड़ी के नीचे स्थित दूल्हा देव का मंदिर भी भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां शराब का भोग चढ़ाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। श्रद्धालु शराब के साथ नारियल, फूल, मिठाई और अन्य प्रसाद भी अर्पित करते हैं। कुछ भक्त चढ़ाए गए प्रसाद को ग्रहण भी करते हैं।
हालांकि, यह परंपरा कब और किसने शुरू की, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है स्थानीय मान्यता के अनुसार, दूल्हा देव मां शारदा की तपस्या करते थे और तपस्या के दौरान ही समाधि में लीन हो गए।
इसके बाद से श्रद्धालु उनकी पूजा करते आ रहे हैं। भक्तों के बीच मान्यता है कि मां शारदा के दर्शन के बाद दूल्हा देव के दरबार में हाजिरी लगाने से यात्रा पूरी होती है। इसी आस्था के चलते माता के दर्शन करने आने वाले कई श्रद्धालु दूल्हा देव मंदिर भी पहुंचते हैं।
मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले छोटेलाल पंडा ने बताया कि दूल्हा देव को बाबा साहब, शारदा बाबा और वाल बाबा सहित कई नामों से जाना जाता है।
उनके अनुसार, मंदिर में स्थापित शिला और चरण पादुका की पूजा की जाती है। पहले इलाहाबाद और बांदा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु यहां शराब चढ़ाते थे, लेकिन अब देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। प्रयागराज से आए श्रद्धालु भीम यादव ने बताया कि वह बचपन से दूल्हा देव के दरबार में आ रहे हैं। यहां नारियल, मिठाई और शराब सहित विभिन्न प्रसाद चढ़ाते हैं। उनका विश्वास है कि दूल्हा देव भक्तों की रक्षा करते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं मंदिर में कई श्रद्धालु भक्ति में झूमते, नाचते और गाते भी नजर आते हैं। दूल्हा देव के प्रति लोगों की गहरी आस्था इस मंदिर को मैहर के धार्मिक स्थलों में विशेष पहचान देती है। यहां आने वाले भक्त अपनी मान्यताओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।






