राजधानी की सड़कों पर धूल के गुबार, चश्मा लगाकर चलें!

रायपुर।. राजधानी की आउटर से लेकर अंदरूनी सड़कें बरसात के पानी से खस्ताहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे बन गए हैं, सड़क उखड़कर धूल-धूसरित हो चुकी है।बरसात के पानी से रिंग रोड, देवपुरी, उरला, भनपुरी की सड़कों की परत उखड़ रही है, जिससे रेत, गिट्टी और सीमेंट की धूल के गुबार सड़कों पर उड़ रहे हैं। उड़ती धूल राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। आंखों में धूल जाने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धूल उड़ने से बाइक चालकों को आगे की सड़क साफ दिखाई नहीं देती, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती है। मुख्य मार्गों पर मालवाहक वाहनों के चलने से सड़क लगातार उखड़ती जा रही है। कई जगह गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि उनमें कार, बाइक फंस सकती है।
देवपुरी मुख्य मार्ग
एनएच-30 धमतरी रोड पर पचपेड़ी नाका और सदानी दरबार के बीच करीब दस किलोमीटर सड़क जर्जर हो चुकी है। सड़क में सैकड़ों छोटे और दस से ज्यादा बड़े गड्ढे बन चुके हैं। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जिससे यह मार्ग कई परतों में दिखाई दे रहा है। सड़क उखड़ने से गिट्टी, सीमेंट और रेत की धूल उड़कर राहगीरों की आंखों में जा रही है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में मालवाहक, ऑटो, बाइक और पैदल यात्री चलते हैं, जर्जर सड़क बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रिंग रोड-1
रिंग रोड-1 पर तेलीबांधा चौक से लेकर टाटीबंध तक के मार्ग में भी जगह-जगह धूल उड़ रही है। पचपेड़ी नाका, संतोषी नगर चौक में सड़क उखड़ने से गिट्टी, सीमेंट सड़क पर बिखर गए हैं। संतोषी नगर चौक में बड़े गड्ढे बन चुके हैं। भीड़-भाड़ वाले चौक में सड़कों की यह अव्यवस्था जोखिम बनी हुई है।
अमलीडीह सड़क
जोन-10 में स्थित अमलीडीह मार्ग पर बहुत से बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के पानी से सड़क में कई बड़े गड्ढे बन गए हैं, सड़क उखड़ने से बड़ी गिट्टी, सीमेंट सड़क पर फैल गए हैं। न्यू पुलिस कॉलोनी मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे, जिन्हें मिट्टी डालकर पाटा गया था, लेकिन वाहनों के चलने और बारिश के कारण वे फिर से उखड़ चुके हैं और अब धूल राहगीरों की आंखों में जा रही है। इस मार्ग पर स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही देर रात तक बनी रहती है।

भाठागांव से बस स्टैंड तक धूल के गुबार
राजधानी रायपुर में भाठागांव मेन रोड से बस स्टैंड तक जाने वाला रास्ता लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। बारिश के बाद सड़क पर 100 से ज्यादा बड़े गड्ढे हो गए हैं और अब धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
उड़ती धूल और गड्ढों के कारण पैदल राहगीरों से लेकर दोपहिया चालक, ई-रिक्शा और स्कूल-कॉलेज के छात्र रोज परेशानी झेल रहे हैं।सड़क की बदहाली का सीधा असर कारोबार पर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो साल से नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। बारिश में कीचड़ से चलना मुश्किल हो गया था, अब कच्ची सड़क की धूल से त्रस्त हैं।







