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ट्रंप के एक बयान से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी टेंशन

ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार

नई दिल्ली,एजेंसी। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयान के बाद ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल बन गया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex और NIFTY 50 में तेज गिरावट दर्ज की गई।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक टूटकर 76,400 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 280 अंकों से ज्यादा फिसलकर 23,900 के नीचे चला गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का विफल होना है। ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को “Totally Unacceptable” बताते हुए खारिज कर दिया, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका गहरा गई। निवेशकों को डर है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो वैश्विक सप्लाई चेन और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इस तनाव का सबसे ज्यादा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि US WTI क्रूड भी 100 डॉलर के ऊपर निकल गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि महंगा कच्चा तेल महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट दोनों पर दबाव डाल सकता है।

बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, ऑयल एंड गैस, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर पर दिखाई दिया। Titan Company, Mahindra & Mahindra, Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Bharti Airtel जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, बाजार के डर को मापने वाला India VIX भी करीब 2 फीसदी बढ़ गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट से कोई सकारात्मक संकेत नहीं आता, तब तक भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, फार्मा सेक्टर को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है और इसमें मजबूती देखने को मिल सकती है।

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