गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए निर्देश

गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए निर्देश
भोपाल, यश भारत। गिरफ्तारी की प्रक्रिया को पारदर्शी और विधिसम्मत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल ने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित इकाइयों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 6 नवंबर 2025 को दिए गए आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं। अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय पुलिस को गिरफ्तारी के ठोस कारण लिखित रूप में देना अनिवार्य होगा। केवल मौखिक रूप से जानकारी देना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि गिरफ्तारी के आधार ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे संबंधित व्यक्ति आसानी से समझ सके। पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह निर्देश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। संविधान के अनुसार किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है और पुलिस को इसका पालन करना अनिवार्य होगा। परिपत्र में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के लिखित कारण उसी समय या अधिकतम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने से दो घंटे पहले उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दिए जाने का उल्लेख गिरफ्तारी पंचनामा या संबंधित अभिलेख में दर्ज किया जाए।







