
जबलपुर यशभारत। गोंडवाना एक्सप्रेस से सिहोरा जाने की तैयारी कर रही एक 17 वर्षीय नाबालिग अचानक प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी के आनंद यादव ने तत्परता दिखाते हुए युवती को तत्काल रेलवे अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया, जबकि सूचना दिए जाने के बावजूद डिप्टी एसएस के मौके पर नहीं पहुंचने से रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। बता दें कि जबलपुर रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब गोंडवाना एक्सप्रेस में सवार होकर सिहोरा जाने की तैयारी कर रही एक नाबालिग अचानक प्लेटफॉर्म पर बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना के बाद यात्रियों ने तत्काल इसकी सूचना जीआरपी को दी।
सूचना मिलते ही जीआरपी का स्टाफ मौके पर पहुंचा और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराते हुए नाबालिग को एम्बुलेंस के माध्यम से रेलवे अस्पताल भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। जीआरपी ने युवती की पहचान एवं परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार घटना की सूचना स्टेशन प्रबंधन को भी दी गई थी, लेकिन काफी देर तक डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) मौके पर नहीं पहुंचे। इसको लेकर यात्रियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों की तत्काल मौजूदगी आवश्यक है।जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा उसके परिजनों को सूचना देने के प्रयास किए जा रहे हैं। समय रहते जीआरपी की सक्रियता से युवती को शीघ्र उपचार मिल सका। वहीं, स्टेशन प्रबंधन की उदासीनता को लेकर यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है।







