Tit कॉलेज दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग मामला: अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव हटाए गए, पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल

भोपाल यश भारत। : Tit कॉलेज से जुड़े दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के गंभीर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में अशोका गार्डन पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताया था और थाना प्रभारी पर दुष्कर्म करने वाले आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों पर कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में Tit कॉलेज प्रबंधन और आरोपियों को बचाने में अशोका गार्डन पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका देखी जा रही थी। डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी अशोका गार्डन पुलिस मुख्य आरोपियों में से एक अबरार को गिरफ्तार करने में विफल रही है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
यह मामला तब सामने आया था जब एक युवती ने Tit कॉलेज से जुड़े कुछ लोगों पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया था और अपनी जांच में अशोका गार्डन पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की थी।
थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनसे जुड़े अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों पर शिकंजा कसने में कोताही बरती। इस लापरवाही के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही थी और अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे थे।
अब हेमंत श्रीवास्तव को हटाए जाने के बाद, उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में नए सिरे से और निष्पक्ष जांच होगी। पुलिस प्रशासन पर अब इस बात का दबाव है कि वे जल्द से जल्द फरार आरोपी अबरार को गिरफ्तार करें और इस पूरे षड्यंत्र में शामिल सभी लोगों को कानून के कटघरे में लाएं। Tit कॉलेज प्रबंधन की भूमिका की भी गहन जांच की मांग उठ रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







