दंत चिकित्सकों के लिए सुरक्षा कवच, बीमा से लेकर डिजिटल पंजीयन तक तीन पहल

दंत चिकित्सकों के लिए सुरक्षा कवच, बीमा से लेकर डिजिटल पंजीयन तक तीन पहल
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश राज्य दंत परिषद ने प्रदेश के पंजीकृत दंत चिकित्सकों की सुरक्षा, सशक्तिकरण और कल्याण को लेकर तीन महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इनमें दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा, प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर और नवीन डिजिटल पंजीयन पोर्टल शामिल हैं। मप्र दंत चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ चंद्रेश शुक्ला के मुताबिक इन पहलों से दंत चिकित्सकों को पेशेवर जोखिमों से सुरक्षा के साथ पंजीयन संबंधी सेवाओं में भी सुविधा मिलेगी।
परिषद की कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश के पंजीकृत दंत चिकित्सकों को तीन लाख रुपए तक का दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य चिकित्सकों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसी तरह सुश्रुत सुरक्षा योजना के माध्यम से दंत चिकित्सकों को 10 लाख रुपए तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर दिया जाएगा। चिकित्सकीय कार्य के दौरान पेशेवर दायित्व या अन्य जोखिमों से जुड़ी परिस्थितियों में यह कवर चिकित्सकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनेगा।
पंजीयन की प्रक्रिया भी होगी डिजिटल
परिषद ने दंत चिकित्सकों के पंजीयन और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए नवीन डिजिटल पंजीयन पोर्टल भी शुरू किया है। इसके जरिए पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से चिकित्सकों को पंजीयन तथा संबंधित सेवाओं के लिए कार्यालयीन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी और उन्हें ऑनलाइन सुविधा मिल सकेगी।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
मध्यप्रदेश शासन के अधिनियम के तहत गठित वैधानिक संस्था राज्य दंत परिषद की इन पहलों को दंत चिकित्सकों के कल्याण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक ओर बीमा और इंडेम्निटी कवर के जरिए चिकित्सकों को आर्थिक एवं पेशेवर सुरक्षा देने का प्रयास है, वहीं डिजिटल पोर्टल से परिषद की सेवाओं को तकनीक आधारित बनाने की पहल की गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़ें । मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, रजिस्ट्रार डॉ. हर्ष चसोरिया, लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा तथा राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग नई दिल्ली की दंत पंजीयन बोर्ड की सदस्य डॉ. उषा हेगड़े सहित दंत चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक और प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान परिषद की ओर से दंत चिकित्सकों के हित में भविष्य में भी कल्याणकारी और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़ें ।







