पगडंडी के रास्ते डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर प्रसूता को एंबुलेंस तक पहुंचाया : बच गई जान

यशभारत डिंडोरी।विकासखंड मेंहदवानी के ग्राम कनेरी के मुरमी टोला में प्रसव पीड़ा से जूझ रही प्रसूता को स्वास्थय विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित रूप से प्राथमिक स्वास्थय केंद्र पहुंचाया, जहां उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को ग्राम मुरमी टोला निवासी प्रसूता गीता बाई पति नरेश कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता मोहबाई ने मोबाइल से स्वास्थय विभाग को सूचना दी। प्रसूता के घर तक एंबुलेंस पहुंचना संभव नहीं था, क्योंकि वहां केवल पगडंडी मार्ग है। बरसात के कारण रास्ता और भी दुर्गम हो गया था।
आशा कार्यकर्ता मोहबाई और एएनएम विमला बिलखरे ने मामले की जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रनमत सिंह परस्ते को दी। सूचना मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी एवं विकासखंड कम्युनिटी मोबिलाइजर मुरलीधर विराट के निर्देशन में एंबुलेंस टीम को तत्काल मुरमी टोला के लिए रवाना किया गया। सुपरवाइजर जयंत परस्ते, ज्ञानदास लारिया और मोहन सिंह मसराम की टीम रात करीब 7ः30 बजे गांव पहुंची।
एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंच पाने के कारण आशा कार्यकर्ता, एएनएम और परिजनों ने प्रसूता को लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थय केंद्र कनेरी लाकर भर्ती कराया गया। यहां पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा पटेल एवं स्नेहलता सोयाम ने सुरक्षित प्रसव कराया।
प्रसव के बाद नवजात को टीका लगाया गया और मां ने बच्चे को स्तनपान कराया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने कठिन परिस्थितियों में तत्परता दिखाने वाली स्वास्थय विभाग की पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रनमत सिंह, कम्युनिटी मोबिलाइज मुरलीधर विराट, सुपरवाइजर जयंत परस्ते, ज्ञानदास लारिया, मोहन सिंह मसराम, आशा कार्यकर्ता मोहबाई, एएनएम विमला बिलखरे तथा नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा पटेल एवं स्नेहलता सोयाम को भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।







