स्मार्ट होगा पर्यटन का अनुभवक्यूआर कोड बताएगा बौद्ध स्तूप का इतिहास
वसई, यशभारत

स्मार्ट होगा पर्यटन का अनुभवक्यूआर कोड बताएगा बौद्ध स्तूप का इतिहास
वसई, यशभारत। नालासोपारा स्थित लगभग 2,500 वर्ष पुराने प्राचीन बौद्ध स्तूप को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए पुरातत्व विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब स्तूप परिसर में लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर पर्यटक इस ऐतिहासिक स्थल की विस्तृत जानकारी ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही परिसर में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे रात के समय यह धरोहर और अधिक भव्य दिखाई देगी।
सोपारा क्षेत्र में स्थित यह ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा था। इसके संरक्षण और विकास के लिए बाबासाहेब आंबेडकर शतकोत्तर रौप्यमहोत्सवी समिति, पूर्व महापौर रूपेश जाधव तथा उनके प्रतिनिधिमंडल ने लगातार प्रयास किए, जिसके बाद केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने विकास कार्यों को मंजूरी दी।
क्यूआर कोड के माध्यम से मिलने वाली जानकारी में गौतम बुद्ध से जुड़े प्रसंग, स्तूप से प्राप्त पुरातात्विक अवशेष, प्राचीन व्यापारिक और सांस्कृतिक इतिहास, सातवाहन काल तथा उससे पूर्व के ऐतिहासिक महत्व का विवरण शामिल है। साथ ही सांची स्तूप और नालासोपारा स्तूप के ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
पुरातत्व विभाग ने सुरक्षा दीवार के निर्माण और मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह बौद्ध स्तूप अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।







