
इंदौर जैसी घटना दोहराई नहीं जाएगी, जबलपुर की हर पाइपलाइन पर कड़ी निगरानी
यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में महापौर अन्नू से खास बातचीत
जबलपुर, यश भारत।इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत की दर्दनाक घटना ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू से खास बातचीत की गई। बातचीत के दौरान महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इंदौर जैसी घटना न केवल शर्मनाक है बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी खड़ा करती है और जबलपुर में इसे किसी भी कीमत पर दोहराने नहीं दिया जाएगा।
महापौर अन्नू ने बताया कि इंदौर की घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम प्रशासन तत्काल हरकत में आया और उसी दिन आपात बैठक बुलाकर पूरे जलप्रदाय तंत्र की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई वर्चुअल बैठक में मिले निर्देशों के बाद जबलपुर में निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया गया है। शहर के सभी जलशोधन संयंत्रों से निकलने वाले पानी की दिन में तीन बार लैब जांच की जा रही है और 62 पानी की टंकियों से रोज सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा रही है।

महापौर ने बताया कि जहां-जहां पेयजल पाइपलाइन नालों, नालियों या सीवर लाइनों के संपर्क में है, उन सभी स्थानों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे संवेदनशील बिंदुओं से नियमित सैंपल लिए जा रहे हैं और किसी भी तरह की लीकेज या संदूषण की आशंका मिलते ही तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल से जुड़ी किसी भी शिकायत पर अब 24 घंटे का इंतजार नहीं होगा बल्कि एक घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य की गई है।
प्राइम टाइम में बातचीत के दौरान महापौर अन्नू ने बताया कि शहर को पांच ज़ोन में बांटकर घर-घर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी ताकि नल तक पहुंचने वाले पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही टंकियों की नियमित सफाई, तालाबों के पानी में आवश्यक रसायन मिलाना और बोरिंग व हैंडपंप के पानी की भी जांच की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पानी से जुड़ी किसी भी समस्या की तुरंत सूचना नगर निगम को दें, क्योंकि समय पर की गई कार्रवाई ही किसी बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है।







