
NEET पेपर लीक का पूरा खेल! 2 सेट प्रश्न पत्र, 3 मास्टरमाइंड और 5 राज्यों में फैला एग्जाम माफिया नेटवर्क
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब CBI की जांच सिर्फ बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क तक सीमित नहीं रही, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अंदर बैठे लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। मामले में चार दिनों के भीतर पांच राज्यों से 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 22 लाख से ज्यादा छात्रों को अब दोबारा परीक्षा देने की तैयारी करनी पड़ रही है।
NTA पैनल के दो एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप
CBI के मुताबिक, पेपर लीक की शुरुआत सीधे NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी से हुई। जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और लातूर के पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। दोनों को NTA ने NEET-UG 2026 पेपर तैयार करने वाली एक्सपर्ट टीम में शामिल किया था। आरोप है कि मंधारे के पास बॉटनी और जूलॉजी पेपर की पूरी पहुंच थी, जबकि कुलकर्णी के पास केमिस्ट्री सेक्शन का एक्सेस था।
परीक्षा से हफ्तों पहले छात्रों तक पहुंचा पेपर
जांच में खुलासा हुआ है कि मंधारे ने अप्रैल महीने से ही चुनिंदा छात्रों को सवाल बताने शुरू कर दिए थे। CBI के अनुसार, पुणे स्थित उनके घर पर क्लास लगती थी, जहां छात्रों को संभावित सवाल नोट करवाए जाते थे और किताबों में जवाब मार्क कराए जाते थे। एजेंसी का दावा है कि इन सवालों में से अधिकांश 3 मई को हुई असली NEET परीक्षा से मेल खाते थे। अधिकारियों का कहना है कि कुलकर्णी ने भी केमिस्ट्री सेक्शन में इसी तरह की भूमिका निभाई।
वॉट्सऐप-टेलीग्राम तक पहुंचा पेपर
CBI के अनुसार, NTA के अंदर से दो तरह की लीक सामग्री बाहर आई-एक हैंड रिटन और दूसरी टाइप की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि पुणे में तैयार कोचिंग नोट्स को बाद में PDF में बदला गया, जिसमें लगभग 500 से 600 सवाल थे। यही PDF वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए परीक्षा से पहले फैलाया गया। जांच में सामने आया है कि नासिक के आरोपी शुभम खैरनार से यह पेपर गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंचा।
₹10 लाख में हुआ पेपर डील
जांच एजेंसी के मुताबिक, गुरुग्राम के यश यादव ने यह पेपर सेट मंगीलाल बीवाल उर्फ मंगीलाल खटीक को 10 लाख रुपये में बेचा। सौदे की शर्त थी कि कम से कम 150 सवाल असली पेपर से मैच होने चाहिए। CBI का आरोप है कि इसके बाद मंगीलाल ने प्रिंटेड कॉपियां अपने रिश्तेदारों, बेटे के दोस्तों और एक शिक्षक सत्यनारायण तक पहुंचाईं। एजेंसी अब इस पूरे आर्थिक नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
ब्यूटी पार्लर संचालिका बनी नेटवर्क की अहम कड़ी
जांच में पुणे की ब्यूटी पार्लर संचालिका मनीषा वाघमारे का नाम भी सामने आया है। CBI के मुताबिक, वाघमारे छात्रों को NTA से जुड़े आरोपियों तक पहुंचाने और कोचिंग सत्रों के लिए उम्मीदवार जुटाने का काम करती थी। एजेंसी ने दावा किया है कि उसके पास 27 अप्रैल से ही पेपर मौजूद था, यानी परीक्षा से लगभग एक सप्ताह पहले। जांचकर्ताओं के अनुसार पूरा रैकेट तीन स्तरों पर काम कर रहा था-NTA के अंदरूनी लोग, छात्रों को जोड़ने वाले एजेंट और पेपर बेचने वाले बिचौलिए।
5 राज्यों में गिरफ्तारी, पूरी NTA कमेटी जांच के घेरे में
अब तक पुणे, नासिक, जयपुर, गुरुग्राम और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में मंधारे, कुलकर्णी, वाघमारे, धनंजय लोखंडा, शुभम खैरनार, मंगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और यश यादव शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब NEET-UG 2026 पेपर तैयार करने वाली पूरी कमेटी और NTA के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
CBI हिरासत में आरोपी, पुराने पेपर लीक से भी जुड़ सकती हैं कड़ियां
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों मुख्य आरोपियों को 10 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या मंधारे और कुलकर्णी पहले हुए अन्य परीक्षा लीक मामलों में भी शामिल रहे हैं। NEET-UG 2026 विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली और NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







