भावानुभाव’ में बिखरा कृष्ण भक्ति का रंग , वन्दे कृष्णं जगतगुरुं और माधव दर्शनम् की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया भावविभोर

भावानुभाव’ में बिखरा कृष्ण भक्ति का रंग , वन्दे कृष्णं जगतगुरुं और माधव दर्शनम् की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया भावविभोर
भोपाल यश भारत। भारत भवन के अंतरंग मंच पर शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय नृत्य समारोह भावानुभाव के पहले दिन भक्ति सौंदर्य और आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथक और भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विविध रूपों लीलाओं और दार्शनिक स्वरूप को मंच पर सजीव किया गया।समारोह का शुभारंभ प्रसिद्ध कथक कलाकार करण गंगानी और उनके साथी कलाकारों की प्रस्तुति वन्दे कृष्णं जगतगुरुं से हुआ। संत सूरदास के पद नाचत सुधंग श्री नंद नंदन से आरंभ हुई प्रस्तुति में बालकृष्ण की चंचलता और आकर्षक व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से उकेरा गया। तीनताल में शुद्ध कथक बाजे रे मुरलिया बाजे भजन पर भावपूर्ण नृत्य तथा द्रुत लय की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति का समापन यदा यदा हि धर्मस्य श्लोक के साथ हुआ। इसके बाद भरतनाट्यम नृत्यांगना श्वेता देवेंद्र और पद्मरंग नृत्य अकादमी की 30 नृत्यांगनाओं ने माधव दर्शनम् नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। यशोदा हरि पालने झुलावे से शुरू हुई प्रस्तुति में माता यशोदा और बालकृष्ण के वात्सल्य संबंधों का भावपूर्ण चित्रण किया गया। माखन चोरी गोपियों के प्रसंग कालिया नाग दमन और महारास जैसे दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। राधा कृष्ण और गोपियों के प्रेम एवं भक्ति पर आधारित समापन प्रस्तुति ने पूरे सभागार को कृष्णमय बना दिया।







