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मध्य प्रदेश विधानसभा में 2356.80 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित

भोपाल, मध्य प्रदेश – मध्य प्रदेश विधानसभा में आज ₹2356.80 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस महत्वपूर्ण बजट को सदन में प्रस्तुत किया, जिसमें विभिन्न प्रमुख विभागों को अतिरिक्त वित्तीय आवंटन किया गया है। यह बजट राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने, पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने पर केंद्रित है।

 

बजट का विवरण और प्रमुख आवंटन

 

अनुपूरक बजट में ₹1003.99 करोड़ का प्रावधान राजस्व मद में और ₹1352.81 करोड़ का प्रावधान पूंजीगत मद में किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड के 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के वार्षिक प्रतिवेदन भी पटल पर रखे।

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विभिन्न विभागों को मिला आवंटन:

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग: 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वाधिक ₹1602.30 करोड़ का प्रावधान मिला है, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

गृह विभाग: पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है। इसमें केंद्रीकृत पुलिस कॉल सेंटर और नियंत्रण तंत्र के लिए ₹62.20 करोड़, अपराध एवं अपराधियों पर निगरानी के लिए ₹57 करोड़ और पुलिस बल के व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए ₹5 करोड़ शामिल हैं।

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राजस्व विभाग: राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से प्राप्त ₹88.72 करोड़ की राशि और आपदा लेखांकन के लिए ₹9.85 करोड़ (राज्यों का 10% अंशदान) का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग: शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल निर्माण के लिए ₹142 करोड़, विकास प्राधिकरणों को अनुदान के रूप में ₹20 करोड़ और सिटीज-2.0 (CITIES 2.0) के स्टेट एक्शन के लिए ₹9.51 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लोक निर्माण विभाग: सड़कों और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पुलों के निर्माण हेतु ₹50 करोड़, वृहद निर्माण कार्यों के लिए ₹40 करोड़ और एनडीबी (NDB) से वित्त पोषित सड़क निर्माण के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग: निजी तकनीकी कॉलेजों और संस्थानों को सहायता प्रदान करने के लिए ₹113.15 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं, जो युवाओं के कौशल विकास में सहायक होगा।

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत ₹30 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जिससे इस वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा सकेंगी।

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