नीलम पार्क में अनशन पर बैठे शिक्षक: मांगें न मानने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

नीलम पार्क में अनशन पर बैठे शिक्षक: मांगें न मानने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
भोपाल, यशभारत। अपनी लंबित 3 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी के नीलम पार्क में मोर्चा संभाले अध्यापकों का गुस्सा अब सतह पर आ गया है। 27 सितंबर से जारी अनिश्चितकालीन धरने के 8वें दिन रविवार को शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन दमोह, जबलपुर और मंडला से पहुंचे प्रांतीय नेताओं ने अनशन पर बैठकर सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दे दी है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन में प्रदेशभर से जुटे शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। क्रमिक अनशन के पहले दिन दमोह के प्रहलाद सिंह ठाकुर, जबलपुर के जगत पटेल तथा मंडला जिले के अमरसिंह चंदेला, नफीस खान और संजीव सोनी भूख हड़ताल पर बैठे।
इन 3 मुख्य मांगों पर अड़ा संयुक्त मोर्चा:
वरिष्ठता का हक: प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता दी जाए।
TET का झंझट खत्म हो: सेवारत शिक्षकों पर थोपी जा रही पात्रता परीक्षा (TET) की शर्त हटाई जाए।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था रद्द हो: अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस प्रणाली को तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए।
गांधीवादी रास्ते से आंदोलन को धार
संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और अहिंसक है। गांधी जयंती पर शिक्षकों ने उपवास रखकर और धरना स्थल पर चरखा चलाकर विरोध जताया था। लेकिन यदि शासन ने जल्द ही संवाद का रास्ता निकालकर मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो प्रदेशभर के हजारों शिक्षक भोपाल में डेरा डालेंगे और इस लड़ाई को और विकराल रूप दिया जाएगा।







