सैल्वारा मुक्तिधाम में सागौन के पेड़ों का ‘कत्लेआम’: सरपंच पति पर आरोप, ग्रामीणों का बड़ा आंदोलन तय

जबलपुर जिले की सैल्वारा ग्राम पंचायत के मुक्तिधाम में अवैध रूप से सागौन के कीमती पेड़ काटे जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकृति के अपराध का सीधा आरोप ग्राम पंचायत के सरपंच पति जगबंधन गोड़ पर लग रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई और पंचनामा बनाकर पेड़ जब्त किए गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरपंच पति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
सफाई के नाम पर जेसीबी से उखाड़े गए कीमती पेड़
ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना 25 जून 2025 की है। ग्राम पंचायत में कथित साफ-सफाई के नाम पर मझगवां निवासी शांति भूषण गुप्ता की जेसीबी मशीन को सरपंच और सरपंच पति के फोन पर बुलवाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के बहाने जेसीबी मशीन का इस्तेमाल मुक्तिधाम परिसर में खड़े इमारती सागौन के हरे-भरे पेड़ों को जड़ से उखाड़ने के लिए किया गया। यह कार्य पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे यह प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य सिर्फ लकड़ी की अवैध कटाई थी।
राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, ग्रामीणों ने तत्काल इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सिहोरा के नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी और वन विभाग के बीडगार्ड की एक टीम सैल्वारा मुक्तिधाम पहुंची। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की उपस्थिति में, नायब तहसीलदार और पटवारी ने काटे गए पेड़ों का बारीकी से मुआयना किया और पंचनामा तैयार किया। जांच में पाया गया कि सागौन के 6 इमारती पेड़ पूरी तरह से काटे गए हैं, जबकि 6 हरे-भरे पेड़ों के ठूंठ भी वहां मौजूद थे, जिन्हें जेसीबी से उखाड़ा गया था। सभी काटे गए और उखाड़े गए पेड़ों को जब्त कर लिया गया और ग्राम कोटवार आशा दाहिया के सुपुर्द किया गया। पंचनामे पर मौजूद ग्रामीणों और गवाहों के हस्ताक्षर भी लिए गए। राजस्व विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जेसीबी से पेड़ उखाड़ने और इस अवैध कटाई में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सरपंच पति का इनकार, ग्रामीणों का दृढ़ आरोप
जब इस गंभीर मामले में सरपंच पति जगबंधन गोड़ से संपर्क किया गया और उनसे इस घटना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया। गोड़ ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मुक्तिधाम में पेड़ों की कटाई किसने करवाई है। हालांकि, ग्रामीणों का एक बड़ा तबका इस बात पर अडिग है कि यह पूरा काम सरपंच पति के इशारे पर ही हुआ है और वह अपनी संलिप्तता छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
न्याय के लिए ग्रामीणों की अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
इस घटना से सैल्वारा ग्राम के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और नाराजगी है। उनका स्पष्ट मानना है कि सरपंच पति जगबंधन गोड़ अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर मनमानी कर रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे “दबंग और मनमानी करने वाले सरपंच पति” के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें पद से हटाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सभी ग्रामीण मिलकर शासन-प्रशासन के विरोध में बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह मामला स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पद के दुरुपयोग, अवैध वन कटाई और ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी जैसे गंभीर सवालों को उठाता है, जिस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना होगा।







