कटनीमध्य प्रदेश

पन्नी नाला फॉल: जंगलों के बीच झरने का जादू

चट्टानों से गिरती जलधारा, चारों ओर फैली हरियाली और प्रकृति की धुन... बारिश में देवरा के पास दिखता है कुदरत का मनमोहक रूप

पन्नी नाला फॉल: जंगलों के बीच झरने का जादू

चट्टानों से गिरती जलधारा, चारों ओर फैली हरियाली और प्रकृति की धुन… बारिश में देवरा के पास दिखता है कुदरत का मनमोहक रूपScreenshot 20260906 121154 Samsung Notes IMG 20260905 WA0092 IMG 20260905 WA0091 IMG 20260905 WA0089 IMG 20260905 WA0087

“यशभारत संडे स्पेशल”

इंट्रो👇
कटनी से करीब 35 किलोमीटर दूर पन्नी नाला फॉल बारिश के दिनों में प्रकृति के संगीत का ऐसा ठिकाना बन जाता है, जहां झरने की कल-कल, जंगल की खामोशी और पहाड़ियों की हरियाली मिलकर एक यादगार दृश्य रचती है।

कटनी, यशभारत। “यशभारत” हर संडे आपको कटनी जिले और आसपास की पर्यटन संभावनाओं से रूबरू कराता है। इस रविवार सफर है देवरा के पास स्थित पन्नी नाला फॉल का, जहां बरसात के साथ जंगलों और पहाड़ियों के बीच एक खूबसूरत जलप्रपात आकार लेता है। यह सफर केवल मंजिल तक पहुंचने का नहीं, बल्कि गांवों की पगडंडियों, हरियाली और वनांचल से गुजरते हुए प्रकृति को करीब से देखने का अनुभव है।

गांवों की राह से जंगलों तक

कटनी से मैहर रोड पर आगे बढ़ते हुए झुकेही और फिर बंजारी का रास्ता आता है। इसके बाद देवरा की ओर बढ़ते हुए सड़क गांवों के बीच से गुजरती है। बारिश में खेतों पर पसरी हरियाली, गीली मिट्टी की सोंधी खुशबू और ग्रामीण जीवन के सहज दृश्य सफर में अपना रंग भरते हैं।

देवरा के करीब पहुंचने के साथ भू-दृश्य बदलने लगता है। खेतों के बाद पहाड़ियां और वन क्षेत्र दिखाई देने लगते हैं। कहीं पक्की सड़क तो कहीं कच्ची राह मिलती है। रास्ते का यह बदलता स्वरूप यात्रा को लगातार नया दृश्य देता है।

जंगलों का पानी बनाता है झरना

मानसून में ऊपरी जंगलों का पानी पहाड़ियों से उतरकर पन्नी नाला फॉल तक पहुंचता है। करीब 100 से 150 फीट चौड़े हिस्से में फैला जलप्रवाह 20 से 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है और जलप्रपात का रूप ले लेता है।

चट्टानों से टकराती धार की आवाज यहां प्रकृति का संगीत बन जाती है। पानी की छन-छन, चट्टानों से टकराने की गूंज और पत्तों से गुजरती हवा मिलकर ऐसी धुन पैदा करती है, जिसे सुनने के लिए किसी वाद्य यंत्र की जरूरत नहीं पड़ती।

आंखों के सामने बनता प्राकृतिक चित्र

फॉल के करीब पहुंचते ही सामने का दृश्य ठहर जाने को मजबूर करता है। बादलों से घिरी पहाड़ियां, चट्टानों के बीच गिरती सफेद जलधारा और चारों ओर फैला वन क्षेत्र बारिश के मौसम की जीवंत तस्वीर सामने रखते हैं।

यहां की खूबसूरती सिर्फ देखने में नहीं, महसूस करने में भी है। कुछ समय झरने के पास बिताने पर पानी की आवाज और जंगल की निस्तब्धता मिलकर शहर की भागदौड़ से अलग सुकून का अहसास कराती है।

स्थानीय पर्यटन की बन सकती है पहचान

देवरा क्षेत्र कटनी, पन्ना और मैहर जिलों की सीमाओं के आसपास स्थित है, जबकि पन्नी नाला फॉल पन्ना जिले की सीमा में आता है। इसकी प्राकृतिक बनावट और आसपास का वातावरण इसे स्थानीय पिकनिक और प्रकृति पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाता है।

पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं तो आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है। इसके साथ यह भी जरूरी होगा कि पर्यटन विकास के दौरान जंगल और फॉल का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित न हो।

यात्रा मार्ग

मुख्य मार्ग: कटनी → मैहर रोड → झुकेही → बंजारी → देवरा → पन्नी नाला फॉल
दूरी: करीब 35 किलोमीटर

वैकल्पिक मार्ग: कटनी → शाहनगर → देवरा क्षेत्र → पन्नी नाला फॉल
दूरी: करीब 50 किलोमीटर

यशभारत का एहतियाती संदेश

बरसात में चट्टानों पर फिसलन रहती है और जलप्रवाह अचानक बढ़ सकता है। झरने के बहाव में उतरने, गहरे पानी के पास जाने और जोखिम वाली चट्टानों पर सेल्फी लेने से बचें। जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी रखें और अपना कचरा वापस साथ लेकर आएं।

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