जाम के इनामी दंगल में आगरा के सौरभ पहलवान ने मारी बाजी :पवन पहलवान को हराकर जीते 51 हजार रुपए, देशभर के पहलवानों ने दिखाया दमखम; 15 से 20 हजार दर्शक पहुंचे…. देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के ग्राम जाम में विशाल इनामी दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला, ताकत और दांव-पेच का शानदार प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए करीब 15 से 20 हजार दर्शकों की भीड़ उमड़ी। दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। प्रमुख मुकाबले में आगरा के सौरभ पहलवान ने हरियाणा के पवन पहलवान को पराजित कर प्रथम स्थान हासिल किया और 51 हजार रुपए की नकद पुरस्कार राशि अपने नाम की।
दंगल में दूसरे प्रमुख मुकाबले में दिल्ली के समसाद पहलवान ने आगरा के मागे पहलवान को हराकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्हें 31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं, मथुरा के सरफराज पहलवान और कालीघटा के गज्जू पहलवान के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन दोनों पहलवानों के बीच कुश्ती बराबरी पर छूटी।
एक अन्य मुकाबले में सिहोरा के सौरभ पहलवान ने दिल्ली के भूरा पहलवान को शिकस्त दी। इस जीत पर उन्हें 11 हजार रुपए की राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह कर्नाटक के सचिन पहलवान और वाकामुकासा के विनोद पहलवान के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला, जिसमें सचिन पहलवान ने जीत दर्ज कर 5,100 रुपए का पुरस्कार प्राप्त किया।
विजेताओं को दी गई नकद पुरस्कार राशि
आयोजन के दौरान अन्य पहलवानों के बीच भी कई रोमांचक कुश्तियां हुईं। पांच अन्य कुश्तियों के विजेताओं को 11-11 हजार रुपए, जबकि दो कुश्तियों के विजेताओं को 5,100-5,100 रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। मुकाबलों के दौरान पहलवानों ने अपने कौशल और अनुभव का परिचय दिया। दर्शकों की बड़ी मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।
आयोजन समिति ने संभाली व्यवस्था
विशाल इनामी दंगल का आयोजन समिति अध्यक्ष धनेंद्र राजपूत के नेतृत्व में किया गया। मंच संचालन राजेश भैया (गुरु), तुलाराम रजक और दीपक सेंगर ने किया। कुश्ती मुकाबलों में कृष्णा पटेल, रवि सनोडिया और ओमशंकर ठाकुर ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं। ऐसे दंगलों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी को पारंपरिक भारतीय कुश्ती के प्रति आकर्षित करने में मदद मिलती है। ग्राम जाम में आयोजित इस दंगल में बड़ी संख्या में दर्शकों की सहभागिता ने आयोजन के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया।






