मास्टर प्लान 2047 में राहत की उम्मीद, मुख्यमंत्री से मिले भोपाल के व्यापारी

मास्टर प्लान 2047 में राहत की उम्मीद, मुख्यमंत्री से मिले भोपाल के व्यापारी
– कन्वर्जन फीस, मिक्स्ड यूज, एफएआर और संकरी सड़कों पर कारोबार के मुद्दे उठाए
भोपाल, यशभारत। भोपाल के प्रस्तावित मास्टर प्लान 2047 में व्यापारियों से जुड़े प्रावधानों में सुधार की मांग को लेकर भोपाल व्यापारी महासंघ और शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों के अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी और राजवीर सिंह के प्रयासों से हुई इस मुलाकात में व्यापारियों ने मास्टर प्लान के प्रारूप में संशोधन के लिए आवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगी और किसी का नुकसान नहीं होने देगी।
भोपाल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने बताया कि मुलाकात के दौरान सबसे पहले भोपाल के मास्टर प्लान का प्रारूप प्रस्तुत करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। इसके बाद वर्ष 2047 तक शहर के नियोजित विकास से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा करते हुए व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों से अवगत कराया गया।
मिक्स्ड यूज और कन्वर्जन फीस पर पुनर्विचार की मांग
व्यापारियों ने मास्टर प्लान में मिक्स्ड यूज यानी मिश्रित उपयोग के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि मौजूदा प्रस्ताव से सीमित लोगों को ही लाभ मिलने की आशंका है। इस व्यवस्था को अधिक व्यापक और व्यावहारिक बनाने की जरूरत है, ताकि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाले व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
इसके साथ ही अधिक कन्वर्जन फीस का मुद्दा उठाते हुए इसकी दरों की समीक्षा करने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि फीस संबंधी प्रावधान ऐसे होने चाहिए, जिससे कारोबारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
एफएआर और संकरी सड़कों पर स्थित प्रतिष्ठानों का मुद्दा
मुलाकात में पूरे भोपाल के लिए समान एफएआर यानी भूखंड पर कुल निर्माण की अनुमत सीमा के प्रावधान पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
इसके अलावा 12 मीटर या 9 मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कों पर स्थित अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बाजारों से जुड़े नियमों का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों ने मांग की कि इन क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति, जरूरतों और लंबे समय से संचालित कारोबार को ध्यान में रखकर प्रावधान तय किए जाएं, ताकि मास्टर प्लान लागू होने से व्यापारियों और अन्य प्रभावित पक्षों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने दिया हितों की रक्षा का भरोसा
आनंद सोनी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार भविष्य में किसी का नुकसान नहीं होने देगी और सभी के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि मास्टर प्लान के अंतिम प्रारूप में उनके सुझावों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है की मास्टर प्लान शहर के भविष्य के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें नियोजित विकास के साथ मौजूदा बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और व्यापारिक गतिविधियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। महासंघ को उम्मीद है कि अंतिम प्रारूप तैयार करते समय प्रभावित पक्षों के हितों का समुचित ध्यान रखा जाएगा।







