दीपावली पर पटाखे जलाते समय आँखों की सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान , जरा सी लापरवाही बन सकती है स्थायी दृष्टिहानि की वजह, जलन या चोट होने पर 15-20 मिनट तक साफ पानी से धोएं आँखें

दीपावली पर पटाखे जलाते समय आँखों की सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान
जरा सी लापरवाही बन सकती है स्थायी दृष्टिहानि की वजह, जलन या चोट होने पर 15-20 मिनट तक साफ पानी से धोएं आँखें
भोपाल,यश भारत। दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है लेकिन पटाखे जलाने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही आंखों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, धुआं, रासायनिक कण और तेज गर्मी आंखों में जलन, सूजन, चोट और यहां तक कि स्थायी दृष्टिहानि का कारण बन सकते हैं। इसे देखते हुए गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के नेत्र रोग विभाग ने लोगों को दीपावली के दौरान आंखों की विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखे जलाते या देखते समय सुरक्षा चश्मे का उपयोग करना चाहिए। पटाखों से कम से कम 5 से 10 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखें। बच्चों को कभी भी बिना निगरानी पटाखे न जलाने दें। अधिक विस्फोटक, प्रतिबंधित या घर में बनाए गए पटाखों का इस्तेमाल करने से बचें। पटाखे जलाने के लिए लंबी अगरबत्ती या लाइटर स्टिक का उपयोग करें। तेज हवा और भीड़भाड़ वाली जगहों पर पटाखे जलाने से भी बचना चाहिए।
आँख में जलन या चोट लगे तो तुरंत करें ये उपाय
विशेषज्ञों ने बताया कि पटाखे का कण, चिंगारी या रसायन आंख में जाने पर तत्काल साफ, ठंडे और बहते पानी से कम से कम 15 से 20 मिनट तक आंख धोनी चाहिए। आंख को बिल्कुल न रगड़ें, क्योंकि इससे चोट और गंभीर हो सकती है। यदि कॉन्टैक्ट लेंस पहने हैं तो उन्हें सावधानीपूर्वक हटा दें। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी प्रकार की आई ड्रॉप या मलहम का इस्तेमाल न करें।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
आंख में तेज दर्द, बढ़ती लालिमा या सूजन, धुंधला दिखाई देना, लगातार पानी आना, रोशनी से परेशानी होना या आंख खोलने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। पटाखे से आंख पर चोट लगने या रासायनिक अथवा तापीय जलन का संदेह होने पर भी बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
नेत्र रोग विभाग ने अपील की है कि दीपावली पर खुशियां मनाते समय आंखों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। थोड़ी सी सावधानी आंखों को गंभीर चोट और स्थायी दृष्टिहानि से बचा सकती है। आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या को हल्के में न लें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।







