टीआईटी कॉलेज में 9,450 रुपये के शुल्क पर सवाल इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक चार मदों में राशि मांगने का आरोप, अटेंडेंस आईडी फ्रीज करने की शिकायत एएफआरसी पहुंची

टीआईटी कॉलेज में 9,450 रुपये के शुल्क पर सवाल
इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक चार मदों में राशि मांगने का आरोप, अटेंडेंस आईडी फ्रीज करने की शिकायत एएफआरसी पहुंची
भोपाल यश भारत। टीआईटी कॉलेज में बीटेक विद्यार्थियों से इंटर्नशिप प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के नाम पर अलग-अलग शुल्क मांगे जाने का मामला सामने आया है। विद्यार्थियों के अनुसार चार मदों में कुल 9 450 रुपये की राशि बताई गई है। छात्रों ने शुल्कों की पारदर्शिता और भुगतान नहीं करने पर अटेंडेंस पंच आईडी फ्रीज किए जाने के आरोप को लेकर प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (एएफआरसी) में शिकायत की है।
चार मदों में शुल्क, निर्धारण पर सवाल
शिकायत के मुताबिक, सातवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप के लिए 2,000 रुपये जमा कराए गए थे। अब अंतिम वर्ष में इंटर्नशिप प्रमाणपत्र के नाम पर 2,500 रुपये मांगे जाने का आरोप है। इसके अलावा क्यू-स्पाइडर्स प्रशिक्षण के लिए 1,200 रुपये और प्लेसमेंट एआई के नाम पर 3,750 रुपये शुल्क बताए गए हैं। इस तरह कुल राशि 9,450 रुपये होती है। विद्यार्थियों का सवाल है कि इंटर्नशिप के लिए पहले राशि जमा कराने के बाद प्रमाणपत्र के नाम पर अतिरिक्त शुल्क किस आधार पर मांगा जा रहा है। साथ ही, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट संबंधी शुल्क अनिवार्य हैं या वैकल्पिक, इसकी स्पष्ट जानकारी भी मांगी गई है।
फीस नहीं देने पर आईडी रोकने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया है कि संबंधित शुल्क जमा नहीं करने पर उनकी अटेंडेंस पंच आईडी फ्रीज कर दी जाती है। इस शिकायत ने शैक्षणिक उपस्थिति और शुल्क वसूली की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। विद्यार्थियों ने शुल्कों की स्वीकृत सूची, संबंधित आदेश और भुगतान की अनिवार्यता स्पष्ट करने की मांग की है।
मामले को एएफआरसी तक पहुंचाकर छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण और समिति की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल विद्यार्थियों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।







