फरारी के बाद जागा जेल विभाग, हमीदिया में फिर बनेगा बंदियों का सुरक्षित वार्ड
फरारी के बाद जागा जेल विभाग, हमीदिया में फिर बनेगा बंदियों का सुरक्षित वार्ड
– जेल मुख्यालय को भेजा प्रस्ताव, उपचार के दौरान निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
भोपाल, यश भारत। हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बंदियों की सुरक्षा को लेकर जेल विभाग ने अब स्थायी व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया है। अस्पताल में बंदियों के लिए अलग सुरक्षित वार्ड दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव जेल मुख्यालय को भेजा गया है। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान बंदियों की निगरानी के साथ उनकी सुरक्षा व्यवस्था को एक ही स्थान पर मजबूत करना है।
भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक मानवेंद्र सिंह परिहार ने इस संबंध में जेल मुख्यालय को पत्र भेजकर हमीदिया अस्पताल में बंदियों के लिए अलग सुरक्षित वार्ड तैयार करने की मांग की है। जेल विभाग के अनुसार प्रदेश की अलग-अलग जेलों से गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले बंदियों को भोपाल के हमीदिया अस्पताल लाया जाता है। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जेल प्रहरी के साथ पुलिस बल पर भी रहती है।
पहले से थी अलग वार्ड की व्यवस्था
जेल अधिकारियों के अनुसार हमीदिया अस्पताल में पहले बंदियों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था उपलब्ध थी। बाद में यह सुविधा समाप्त हो गई। अब अस्पताल से बंदियों के फरार होने की घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए इस व्यवस्था को दोबारा शुरू करने की जरूरत महसूस की गई है।
अलग सुरक्षित वार्ड बनने से बंदियों को सामान्य मरीजों से अलग रखा जा सकेगा। साथ ही वार्ड के प्रवेश और निकास की निगरानी को नियंत्रित तरीके से किया जा सकेगा। इससे सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए भी बंदियों पर नजर रखना अपेक्षाकृत आसान होगा।
सोहेल खान के फरार होने के बाद बढ़ी चिंता
हमीदिया अस्पताल से हाल ही में बंदी सोहेल खान के फरार होने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जेल विभाग की चिंता और बढ़ गई है। मानसिक उपचार के लिए अस्पताल लाए गए सोहेल ने सुरक्षा में तैनात प्रहरी पर हमला किया और हथकड़ी सहित भागने की कोशिश की थी। घटना के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था।
इस घटना ने अस्पताल में इलाज करा रहे बंदियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद जेल विभाग ने अस्पताल में बंदियों के लिए अलग सुरक्षित वार्ड की जरूरत को गंभीरता से लिया है।
हर बंदी के साथ पुलिसकर्मी लगाना चुनौती
जेल विभाग के सामने सुरक्षा बल की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती है। अस्पताल में भर्ती प्रत्येक बंदी के साथ अलग पुलिसकर्मी तैनात करना व्यावहारिक नहीं है। विशेष रूप से गंभीर और संवेदनशील मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की आवश्यकता पड़ती है।
विभाग के अनुसार फरारी की आशंका वाले या संवेदनशील बंदियों के लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाती है और अधिकांश मामलों में सुरक्षा उपलब्ध भी कराई जाती है। हालांकि अलग सुरक्षित वार्ड बनने से सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
एक जगह केंद्रित होगी निगरानी
प्रस्तावित सुरक्षित वार्ड में बंदियों की निगरानी और सुरक्षा को एक निर्धारित क्षेत्र में केंद्रित किया जा सकेगा। इससे जेल प्रहरी और पुलिस बल की तैनाती को भी बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जा सकेगा। जेल विभाग का मानना है कि अस्पताल में उपचार की जरूरत वाले बंदियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी सुरक्षा करना भी जरूरी है।
जेल मुख्यालय से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद हमीदिया अस्पताल में सुरक्षित वार्ड की व्यवस्था दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे अस्पताल में भर्ती बंदियों की निगरानी मजबूत होने के साथ भविष्य में फरारी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।






