नरेंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, बीसीआई के रद्द आदेश पर लगा स्टे
4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी

नई दिल्ली, यश भारत। मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव लड़ रहे पूर्व न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता नरेंद्र कुमार जैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा अनुशासनहीनता व अवमानना के आरोपों में उनका वकालत का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द(Debar) कर दिया गया था, जिससे उनके चुनाव लड़ने पर रोक लग गई थी।
इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने नरेंद्र जैन का पक्ष मजबूती से रखा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने दलीलों को सुनने के बाद बीसीआई के आक्षेपित आदेश के प्रभाव व संचालन पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है।
इसके साथ ही अदालत ने प्रतिवादी को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है और अनुशासनात्मक कार्यवाही के रिकॉर्ड तलब किए हैं। स्टे मिलने से नरेंद्र जैन के लिए कानूनी व चुनावी राह फिर आसान हो गई है।







