नए आरक्षकों को पढ़ाया जाएगा गीता का पाठ, तनाव प्रबंधन के लिए पहल

नए आरक्षकों को पढ़ाया जाएगा गीता का पाठ, तनाव प्रबंधन के लिए पहल
भोपाल यश भारत। पुलिस विभाग में भर्ती होने वाले नए आरक्षकों को अब प्रशिक्षण के दौरान गीता का पाठ पढ़ाया जाएगा। विभाग का मानना है कि पुलिसकर्मियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यभार के बीच गीता तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक साबित होगी। इस पहल को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कांग्रेस ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव कम नहीं होगा तब तक वास्तविक स्ट्रेस मैनेजमेंट संभव नहीं है।वहीं भाजपा प्रवक्ता निशांत विशेन ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे विद्वानों ने भी गीता के महत्व को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लगातार बढ़ते कंपटीशन, वर्क प्रेशर और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच गीता मानसिक शांति, धैर्य और संयम का मार्ग दिखाती है। गीता व्यक्ति को निष्काम कर्म और कर्तव्य पालन का बोध कराती है, साथ ही वर्क लाइफ और पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गीता किसी धर्म विशेष से जुड़ी नहीं बल्कि नैतिक शिक्षा का माध्यम है। यह सदाचार, अनुशासन और सकारात्मक जीवन जीने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि बचपन में नैतिक शिक्षा के माध्यम से जैसे संस्कार दिए जाते थे, उसी तरह गीता का उद्देश्य भी लोगों को बेहतर जीवन की दिशा में प्रेरित करना है।






