कोलार की 15 कॉलोनियों को नगर निगम का नोटिस, 15 दिनों में मांगे वैध दस्तावेज; एफआईआर की चेतावनी

कोलार की 15 कॉलोनियों को नगर निगम का नोटिस, 15 दिनों में मांगे वैध दस्तावेज; एफआईआर की चेतावनी
भोपाल,यशभारत। राजधानी के कोलार क्षेत्र में प्लॉट या मकान खरीदने वाले नागरिकों और कॉलोनाइजरों के लिए बड़ी खबर है। भोपाल नगर निगम ने क्षेत्र में विकसित हो रही 15 निर्माणाधीन निजी कॉलोनियों को चिन्हित कर उनके कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं। नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधितों से 15 दिनों के भीतर स्वीकृत नक्शे, भूमि डायवर्जन और अन्य वैधानिक अनुमतियों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समय सीमा में दस्तावेज जमा नहीं करने की स्थिति में नगर निगम ने संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
इन इलाकों की कॉलोनियां जांच के दायरे में
नगर निगम और कॉलोनी सेल की संयुक्त कार्रवाई के तहत कोलार क्षेत्र के रतनपुर, बैरागढ़ चीचली, अकबरपुर और नयापुरा सहित विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों को टारगेट किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई 1 जून को आयोजित कॉलोनी सेल की बैठक के बाद शुरू की गई है। सभी जोन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनियों और संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की सूची बनाकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
फाइलों में सख्ती, जमीनी स्तर पर कार्रवाई की सुस्त रफ्तार
एक तरफ जहां नगर निगम नए सिरे से अभियान चलाने का दावा कर रहा है, वहीं पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में भोपाल में कुल 576 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई थीं। इनमें से दिसंबर 2016 से पहले विकसित हुईं 320 कॉलोनियों को नियमों के तहत राहत देते हुए वैधीकरण की प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया। लेकिन शेष बची कॉलोनियों पर की गई कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रही है।
300 एफआईआर के बाद भी एक भी गिरफ्तारी नहीं
अवैध कॉलोनाइजिंग के खिलाफ कार्रवाई की जमीनी हकीकत यह है कि शहर में अब तक करीब 300 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद आज तक किसी भी रसूखदार कॉलोनाइजर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा किसी भी एक मामले में अब तक अदालत के समक्ष चालान पेश नहीं किया गया है। अधिकांश मामलों में नगर निगम की टीम केवल बाउंड्रीवाल या निर्माण के कुछ हिस्सों को तोड़कर औपचारिक कार्रवाई की रस्म अदायगी कर देती है, जबकि मौके पर कॉलोनाइजरों द्वारा विकास और प्लॉटिंग का काम धड़ल्ले से जारी रहता है। ऐसे में कोलार क्षेत्र के इन 15 नए नोटिसों का धरातल पर कितना असर होगा, यह देखने वाली बात होगी।







