मप्र उर्दू अकादमी द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा आयोजित – साहित्यकारों एवं शायरों ने अपनी कलम को तलवार बना दिया – मेंहदी

मप्र उर्दू अकादमी द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा आयोजित
– साहित्यकारों एवं शायरों ने अपनी कलम को तलवार बना दिया – मेंहदी
भोपाल यशभारत। मप्र उर्दू अकादमी, मप्र संस्कृति परिषद संस्कृति विभाग द्वारा अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन रविवार को रवींद्र भवन भोपाल में आयोजित किया गया। देश के ख्यातिनाम शायरों ने अपनी प्रस्तुति दी। कर्यक्रम के प्रारंभ में उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ नुसरत मेंहदी ने कार्यक्रम के उद्श्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुशायरे के द्वारा अपनी बहादुर सेना को सलाम पेश करते हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब इस देश में युद्ध की स्थिति बनी या कैसा भी कड़ा वक़्त आया, उर्दू भाषा एवं साहित्य ने केवल तमाशाई बन कर ख़ामोश इख़्तियार नहीं की, बल्कि उसके साहित्यकारों एवं शायरों ने अपनी क़लम को तलवार बना दिया। जब ज़रूरत पड़ी तो ये भाषा इंक़िलाब का नारा बनी। जब वतन की मोहब्बत दिलों में मचलने लगी तो ये शायरी में ढल कर लोगों की भावनाओं की प्रतिनिधि बन गई। कार्यक्रम में फ़ारूक़ अंजुम भोपाल, अक़ील नौमानी बरैली, नईम राशिद बुरहानपुर, अज़्म शाकरी एटा, सैयद जिया अल्वी लखनऊ, ख़ालिदा सिद्दीक़, डा अनु सपन भोपाल, मोईन शादाब दिल्ली, मुकेश आलम लुधियाना, साजिद प्रेमी भोपाल, दिनेश प्रभात भोपाल, गौतम राजऋषि कोलकाता, विनीत शुक्ला इंदौर, खुशबू भोपाल ने प्रस्तुति दी। मुशायरे का सफल संचालन मोईन शादाब द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डा नुसरत मेंहदी ने अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार माना।







