मप्र: कार्बाइड गन त्रासदियों और भावांतर योजना पर सियासत तेज; नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर सीधा हमला

मप्र: कार्बाइड गन त्रासदियों और भावांतर योजना पर सियासत तेज; नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर सीधा हमला
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में दीपावली के बाद हुई कार्बाइड गन की घटनाओं और किसानों की भावांतर योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज (शुक्रवार को) राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही और किसान विरोधी नीति का आरोप लगाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर ‘श्रेय लेने की राजनीति’ करने का पलटवार किया है।
कार्बाइड गन पर सरकार को घेरा: ‘लापरवाही की त्रासदी’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को राजधानी के हमीदिया अस्पताल पहुंचकर कार्बाइड गन से घायल हुए बच्चों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बच्चों की आँख की रोशनी जाना एक बड़ी त्रासदी है।
सिंघार ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “दीपावली के समय जब कार्बाइड गन बिक रही थी, तब प्रशासन ने इनको क्यों नहीं रोका? प्रदेश सरकार ने स्पष्ट रूप से लापरवाही बरती है।”
उन्होंने मांग की कि सरकार अब जाकर जागी है, ऐसे में वह सुनिश्चित करे कि घायल बच्चों के इलाज में कोई व्यवधान न हो और परिवारों को कर्ज लेकर इलाज न कराना पड़े।
भावांतर योजना का पोर्टल न खुलने पर उठाए सवाल
सिंघार ने कार्बाइड गन के मुद्दे के साथ ही भावांतर योजना को लेकर भी सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसानों से सोयाबीन की खरीदी तो शुरू हो गई है, लेकिन पोर्टल आज तक क्यों नहीं खुला है?
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पूछा कि वह यह स्पष्ट करे कि उसकी खरीदी करने की इच्छा भी है या नहीं। उन्होंने जोर दिया कि सोयाबीन बेचने के लिए पहुंचे किसान मंडियों में परेशान हैं।
भाजपा का पलटवार: ‘कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के इन तीखे आरोपों पर भाजपा ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर श्रेय की राजनीति करने का आरोप लगाया।
अग्रवाल ने कहा, “कांग्रेस के नेताओं में आपस में श्रेय लेने की होड़ मची होती है। उमंग सिंघार इसलिए अस्पताल पहुंच गए कि कहीं जीतू पटवारी न पहुंच जाएं।”
उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा, “कांग्रेस के नेता कान खोलकर सुन लें, मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील सरकार है।” अग्रवाल ने बताया कि घटनाएँ सामने आने के बाद तत्काल सभी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घायलों से मिलने के लिए उप-मुख्यमंत्री पहले ही पहुंच चुके थे और उनके इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।







