मोहन कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: सरकारी जमीन अधिग्रहण पर अब 4 गुना मुआवजा

मोहन कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: सरकारी जमीन अधिग्रहण पर अब 4 गुना मुआवजा
मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे तीमारदारों के लिए शेल्टर होम
भोपाल, यशभारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में सरकार ने किसानों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने से लेकर स्वास्थ्य और सिंचाई क्षेत्र के लिए खजाना खोल दिया है।
किसानों को भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना मुआवजा
कैबिनेट ने मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में मल्टीप्लिकेशन फैक्टर के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत, यदि किसी किसान की कृषि भूमि का सरकारी कार्यों के लिए इस्तेमाल या अधिग्रहण किया जाता है, तो सरकार अब किसान को बाजार मूल्य से 4 गुना अधिक मुआवजा देगी। यह निर्णय किसानों को उनकी जमीन का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए बनेंगे शेल्टर होम
प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजनों (तीमारदारों) की सुविधा के लिए सरकार ‘शेल्टर होम’ (रैन बसेरा) बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले परिजनों को रुकने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सर्वसुविधायुक्त शेल्टर रूम तैयार करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। साथ ही, मंडला जिले में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इंदौर की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 157 करोड़ मंजूर
मालवा क्षेत्र के किसानों के लिए कैबिनेट ने इंदौर की दो सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनके लिए 157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से 145 गांवों के किसानों को सीधा फायदा होगा और लगभग 10,800 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी।
गेहूं पर बोनस और निशुल्क रजिस्ट्री की सौगात
किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए सरकार ने केंद्र के 2585 रुपये समर्थन मूल्य पर 40 रुपये का राज्य बोनस जोड़कर अब 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 46 लाख परिवारों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज और रजिस्ट्री पूर्णतः निशुल्क प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
योजनाओं की निरंतरता: 7 प्रमुख विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्ष 2026-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई।
जनजातीय महोत्सव: नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर जनजातीय महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।
बुनियादी ढांचा: प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए दो अन्य बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।







