भोपाल के बाजारों में चढ़ा मेक इन इंडिया का गुलाल: होली पर चीन का बाजार हुआ फीका

भोपाल के बाजारों में चढ़ा मेक इन इंडिया का गुलाल: होली पर चीन का बाजार हुआ फीका
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बाजारों में होली की सतरंगी रौनक पूरी तरह बिखर चुकी है। इस बार व्यापार के क्षेत्र में एक बड़ी बदली हुई तस्वीर नजर आ रही है। बरसों से होली के सामान पर दबदबा रखने वाला चीन अब हाशिए पर है और भारतीय उत्पादों ने बाजार पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। व्यापारियों की मानें तो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और स्वदेशी के प्रति बढ़ती जागरूकता ने विदेशी माल की छुट्टी कर दी है।
10 साल में पलटा पासा: चीन 75% से गिरकर 20% पर सिमटा
देशभर में इस वर्ष होली का कारोबार लगभग 18,000 से 22,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। आंकड़ों के अनुसार, 10 वर्ष पहले तक होली के सामान में चीन की हिस्सेदारी 70 से 75 प्रतिशत हुआ करती थी, जो अब घटकर मात्र 18 से 25 प्रतिशत रह गई है। पिचकारी, मास्क और खिलौनों के मामले में भारतीय एमएसएमई और स्टार्टअप इकाइयों ने चीन को कड़ी टक्कर दी है।

ग्राहकों की पहली पसंद: चीन का तो नहीं है भाई साहब?
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि अब ग्राहक जागरूक हो चुके हैं। वे दुकान पर आकर सीधा सवाल करते हैं कि सामान चीन का तो नहीं है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संदेश का असर जमीन पर दिख रहा है। सुरक्षित, हर्बल और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता मिलने से स्थानीय छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिल रहा है।

केमिकल को ना, हर्बल को हां
थोक व्यापारियों के अनुसार, इस बार ग्राहकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है। बच्चों की त्वचा को ध्यान में रखते हुए लोग केमिकल वाले रंगों से दूरी बना रहे हैं। बाजार में हर्बल गुलाल, फूलों से बने रंग और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में 30 से 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी जा रही है। बाजार का गणित उत्पाद भारत (स्वदेशी) चीन (विदेशी) पिचकारी व टैंक 60–70% 30–40% पानी के गुब्बारे 70–80% 20–30% गुलाल व हर्बल रंग 90–100% 05–10% मास्क व स्प्रे 60–70% 30–40%

भोपाल संभाग: 150 करोड़ के कारोबार की उम्मीद
होली से रंगपंचमी तक अकेले भोपाल संभाग में 100 से 150 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा किराना, डेयरी और मिठाई का है।: चौक बाजार, आजाद मार्केट, इतवारा, मारवाड़ी रोड, लोहा बाजार, भेल, 10 नंबर और बैरागढ़ के बाजारों में खरीदारी चरम पर है। मिठाई-नमकीन (₹25 करोड़), रंग-गुलाल (₹30 करोड़), कपड़े (₹15 करोड़) और अन्य किराना सामग्री।
बाजार भाव पर एक नजर (प्रति नग/पैक)
हर्बल गुलाल: ₹50 से ₹120 (100 ग्राम)
पिचकारी (कार्टून वाली): ₹120 से ₹250
प्रेशर गन पिचकारी: ₹250 से ₹450
कलर स्प्रे: ₹80 से ₹150
होली टी-शर्ट: ₹120 से ₹350







