
बड़ा बैंक घोटाला,44 लाख का गबन, EOW ने 7 आरोपियों पर दर्ज की FIR
गबन की गई राशि को आरोपियों के बीच 70:30 के अनुपात में बाँटा
भोपाल,यशभारत। सरकारी पेंशन खातों से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बैंक ऑफ इंडिया, भोपाल ज़ोन में हुए ₹44.11 लाख के गबन के मामले में दो बैंक कर्मचारियों सहित सात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
बैंक के दो कर्मचारियों, दीपक जैन (विशेष सहायक) और अजय सिंह परिहार (क्लर्क), ने फिनैकल सिस्टम (Finacle System) और ATM कार्ड का दुरुपयोग करके इस संगठित अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने उन बचत खातों को निशाना बनाया जो लंबे समय से इस्तेमाल में न होने के कारण DORMANT (निष्क्रिय) स्थिति में थे। इन खातों में सरकारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राहत राशि जमा थी। कर्मचारियों ने अवैध रूप से निष्क्रिय खातों को ‘एक्टिव’ किया और फिर उनकी जमा राशि को अपने 5 परिचितों – खुशबू खान, कल्पना जैन, ललिता ठाकुर, अफरोज खान और हेमलता जैन – के खातों में ट्रांसफर कर दिया। बाद में ATM कार्ड्स का इस्तेमाल करके लगातार नकद निकासी की गई। गबन की गई राशि को आरोपियों के बीच 70:30 के अनुपात में बाँटा जाता था।
FIR: EOW ने विस्तृत जांच के बाद 9 दिसंबर 2025 को सभी 7 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और साइबर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
कुल खाते/राशि: यह धोखाधड़ी लगभग तीन वर्षों तक कई शाखाओं में चली, जिसमें कुल 227 बचत खातों से ₹44.11 लाख की राशि अवैध रूप से निकाली गई। यह मामला बैंकिंग प्रणाली में आंतरिक नियंत्रणों के गंभीर उल्लंघन और सरकारी धनराशि के सुनियोजित गबन को उजागर करता है। EOW ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।







