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 भूमिगत खदान में बड़ा हादसा, मलबे में दबकर 3 ठेका कर्मियों की मौत, दर्जन भर से ज्यादा घायल

खबर लिखे जाने तक जारी रहा रेस्क्यू

यश भारत, शहडोल। शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे के आसपास एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार भूमिगत कोयला खदान में एक बड़ा हादसा हुआ। जिसमें लगभग 2 लोगों की मौके पर व 1 की अस्पताल ले जाते बीच राह मौत हो जाने सहित दर्जन भर लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों की मानें तो, अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। मिली जानकारी अनुसार, धनपुरी थाना क्षेत्र में स्थित इस खदान में स्टॉपिंग वाॅल निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का एक कमजोर हिस्सा ढह जाने से यह हादसा हुआ है। जहां कार्यरत ठेका मजदूर मिट्टी और चट्टानों के मलबे में दब गए।

खबर लिखे जाने तक जारी रहा रेस्क्यू

इस दौरान खदान के अंदर कार्यरत कर्मचारियों ने इसकी सूचना प्रबंधन को दी। जिसके बाद खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बताया गया है कि, रेस्क्यू टीम ने खदान के भीतर फंसे जेएमएम कंपनी के कुछ ठेका मजदूरों को सावधानी पूर्वक बाहर निकाला लिया है। जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए, गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर शाम खबर लिखे जाने तक, बल्लू कोल एवं गोलू बैगा की मौके पर ही मौत होने और घायलों में प्रेमलाल विश्वकर्मा, राजकुमार यादव, अमित यादव व अंजनी बैगा के नाम सामने आए हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

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उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

दुर्घटना के बाद खदान परिसर में कई घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल निर्मित रहा। इस हादसे ने काॅलरी प्रबंधन की भूमिगत सुरक्षा व्यवस्था व मानकों को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर छत के कमजोर हिस्से के धंसने को इस हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन ने उक्त घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई है। दूसरी ओर क्षेत्रीय जागरूक जनों की मांग है कि, इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी जनों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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