माँ धूमावती सिद्ध पीठ में आस्था की ज्योत से जगमगाया धाम, 551 मनोकामना ज्योति और बोए गए जबारे

धूमा। माँ धूमावती सिद्ध पीठ में श्रद्धा और भक्ति की ज्योत प्रज्वलित हो रही है। माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक ज्योति कलश मंदिर परिसर को भक्तिमय बना रहे हैं। धूमावती प्रबंधन समिति के मुताबिक, सिद्ध पीठ में 551 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं, वहीं 18 जबारे भी बोए गए हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा वातावरण माता की आराधना और जयकारों से गुंजायमान है।
माँ धूमावती सिद्ध पीठ में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने की परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ी हुई है। भक्त माता के दरबार में अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना लेकर पहुंचते हैं। ज्योति कलशों की जगमगाती रोशनी के बीच श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
धूमा स्थित यह सिद्ध पीठ क्षेत्र की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से जोड़ते हैं। नवरात्र के अवसर पर मनोकामना ज्योति कलशों और जबारों की स्थापना से मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
इनका कहना है —
“ब्रह्मलीन गुरु स्वामी स्वरूपानंद जी के मार्गदर्शन में देवी का नाम माँ धूमावती रखा गया था। तभी से क्षेत्र में माता का एक अलग प्रभाव देखने को मिलता है और श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बनी हुई है।”
— पंडित उमाशंकर शास्त्री, ज्योतिष एवं पुराणाचार्य







