पत्नी और साली के कत्ल में बर्खास्त ASI को दोहरी उम्रकैद

पत्नी और साली के कत्ल में बर्खास्त ASI को दोहरी उम्रकैद
भोपाल, यशभारत। राजधानी के ऐशबाग इलाके में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने अपनी ही पत्नी और साली की बेरहमी से हत्या करने वाले बर्खास्त एएसआई योगेश मरावी को दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल की अतिरिक्त सजा भी तय की गई है। इस बहुचर्चित मामले में करीब 16 महीने तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
पढ़ाई और करियर की जिद बनी थी खूनी दुश्मनी की वजह
यह खौफनाक वारदात 3 दिसंबर 2024 को हुई थी। मृतक विनीता मरावी अपने पति योगेश से अलग अपनी बहन मेघा उइके के साथ भोपाल में रह रही थी। मेघा आगे पढ़ाई कर अपना करियर बनाना चाहती थी और उसने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का लिखित चरण भी पास कर लिया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश इस बात से बेहद चिढ़ता था कि विनीता अपनी बहन मेघा की पढ़ाई और खर्चों में मदद करती थी। इसी रंजिश के चलते बर्खास्त एएसआई ने अपनी पत्नी और साली पर घर में घुसकर ताबड़तोड़ चाकू से 56 वार किए थे, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
छुट्टी लेकर भोपाल आया था आरोपी, ऐसे खुला राज
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, योगेश वारदात से ठीक पहले छुट्टी लेकर भोपाल आया था। उसने अपनी पत्नी के फ्लैट के पास कार खड़ी की थी और ड्राइवर के साथ आया था।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज ने इस हत्याकांड का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई। फुटेज में आरोपी का वारदात से पहले घर में प्रवेश करना और बाद में वहां से निकलना साफ कैद हो गया था।
मंडला से दबोचा गया था बर्खास्त एएसआई
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तस्वीरें आसपास के जिलों में भेजी थीं। इसी बिनाह पर मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र की पिंडरई चौकी पर कार को रोककर योगेश मरावी और उसके ड्राइवर को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में था और पुलिस विभाग से पहले ही बर्खास्त किया जा चुका था।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए 11 गवाह
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह अदालत में पेश किए गए। सभी गवाहों के बयान और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने योगेश मरावी को दोनों हत्याओं के मामलों में दोषी करार दिया। करीब डेढ़ साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उसे दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है।







