
जबलपुर यश भारत। रक्षाबंधन पर्व के बाद रविवार को संस्कारधानी जबलपुर में किन्नर समाज ने धूमधाम के साथ कजलिया विसर्जन जुलूस निकाला। यह जुलूस पारंपरिक उल्लास और खुशी का प्रतीक था, जिसमें बड़ी संख्या में किन्नरों ने हिस्सा लिया।
लकड़गंज खटीक मोहल्ले से हुआ शुरू:
जुलूस की शुरुआत लकड़गंज खटीक मोहल्ले से हुई। किन्नर बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर नाचते-गाते चल रहे थे, जिससे पूरे रास्ते में उत्सव जैसा माहौल बन गया। उन्होंने त्योहार की खुशियों को नाच-गाकर मनाया।
जगह-जगह हुआ स्वागत:
किन्नर समाज के इस भव्य जुलूस का शहर के लोगों ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। लोगों ने उनका अभिवादन किया और इस पारंपरिक आयोजन का हिस्सा बने।
गुरु हीराबाई ने दी जानकारी:
किन्नर गुरु और पूर्व पार्षद हीराबाई ने बताया कि किन्नर समाज हर साल रक्षाबंधन के पर्व के बाद कजलिया विसर्जन जुलूस निकालता है। इस जुलूस का मुख्य उद्देश्य लोगों को दुआएं और आशीर्वाद देना है, ताकि उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।
हनुमानताल में हुआ समापन:
यह जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा और इसका समापन हनुमानताल तालाब में कजलिया विसर्जन के साथ हुआ। इस दौरान किन्नरों ने अपनी परंपराओं के अनुसार अनुष्ठान किए। यह आयोजन जबलपुर की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण बन गया।







