
https://youtu.be/1p5Tt2wTV6k
जबलपुर यश भारत। एक दौर था जब हमें दवाइयों के बारे में जानकारी लेने के लिए मेडिकल कॉलेज से बाहर जाना पड़ता था और अब एक दौर है जब बाहर के लोग दवाइयों की जानकारी लेने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आते हैं। सरकार द्वारा गरीबों व आम लोगों के उपचार के लिए बहुत सारी योजनाएं बनाई गई है। आम लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। यह कहना है नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रभारी डीन डॉ गीता गुइन का। जिन्होंने यश भारत से विशेष चर्चा करते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विस्तार हुआ उसने चल रहे कार्यों पर जानकारी दी । जिसे आप पूरे विस्तार से यश भारत के न्यूज़ चैनल व यश भारत के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।
यही पढीं अब पढ़ा रही हूं
चर्चा की शुरुआत में डॉक्टर गुइन ने बताया कि वे मेडिकल कॉलेज में पड़ी है अब उसी के अधीक्षक का पद संभाल रही हैं । जो उनके लिए एक गर्व करने वाली बात है। जहां से उन्हें ज्ञान मिला अब भी उसी इंस्टीट्यूट के छात्रों को ज्ञान दे रही हैं। यह मौका हर किसी को नहीं मिलता ऐसे में उनका प्रयास रहता है कि उन्हें जो कुछ भी यहां से प्राप्त हुआ है वह यहां के छात्रों को वापस कर सकें। साथ ही साथ जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है उसे अच्छी तरह से निभा कर लोगों की सेवा कर सके।
डॉक्टरों को मिला एनपीएस का पैसा
चर्चा के दौरान डॉ गुइन ने बताया कि सरकार द्वारा नेशनल पेंशन स्कीम लाई गई थी जिसका पैसा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व कर्मचारियों को कभी भी नहीं मिला था। जिसको लेकर वह लंबे समय से मांग कर रहे थे।लेकिन उन्होंने प्रयास करके वह पैसा सबसे पहले निकलवाया जिससे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ का जीवन स्तर सुधर सके और वे एक अच्छा जीवन जी सकें। इसके अलावा उन्होंने कॉलेज की जितनी भी जमीन है उसे सुरक्षित करने के लिए रीडेन्सी फिकेशन का काम शुरू किया हुआ है। प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है जो जल्द ही शुरू हो जाएगा जिसके बाद मेडिकल कॉलेज की संपत्तियां सुरक्षित रहेगी साथ ही साथ यहां काम करने वाले लोगों को अच्छे और सुविधाजनक आवास मिल सकेंगे ।
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बड़ी सौगात
कैंसर के मरीजों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इसका इलाज निजी अस्पतालों में कितना महंगा है यह किसी से नहीं छुपा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लंबे समय से स्टेट कैंसर इंस्टिटट को लेकर तैयारियां तो चल रही थी लेकिन वह परिणित नहीं हो पा रही थी। जिसके विषय में डॉक्टर गुइन ने बताया कि स्टेट कैंसर इंस्टिटट को लेकर लंबे समय से समस्याएं आ रही थी । उन्होंने पद संभालने के बाद इसे प्राथमिकता से तैयार कराया है। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तो इसकी स्थिति ठीक नहीं थी और काम आशातीत तरीके से नहीं हो रहा था। लेकिन उन्होंने देर रात तक काम करा कर इंस्टिट्यूट को खड़ा किया है। और अब यहा आम लोगों को समुचित उपचार मिल रहा है। यह इंस्टिट्यूट जबलपुर नहीं पूरे महाकौशल के लिए वरदान साबित होगा।
भ्रष्टाचार पर लगाम
एंबुलेंस चालकों की मनमानी व मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचाने के विषय में डॉक्टर गुइन ने सख्त रुख दिखाते हुए कहां की एंबुलेंस चालकों की मनमानी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसको लेकर कई बार शिकायतें भी आई हैं और कड़ी कार्यवाही भी की गई है। पूर्व में भी कुछ एंबुलेंस चालकों द्वारा एलगिन से मरीज मेडिकल की वजह निजी अस्पताल में ड्रॉप कर दिए गए और मेडिकल से पर्ची बनवाने की कोशिश की गई । जिस पर उन्होंने सख्ती से कार्रवाई की है और संबंधित विभाग के द्वारा कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया गया है,और आगे भी इस तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने मशीनों के मेंटेनेंस और रखरखाव को लेकर भी सतर्कता की बात कही और इसको लेकर वह गंभीर दीखि। साथ ही साथ गरीबों के रहने के लिए जो शेल्टर होम तैयार किए जा रहे हैं उस पर उन्होंने खुशी जाहिर की और बताया कि मेडिकल में बनने वाले शेल्टर होम सबसे अच्छे हैं और यहाँ उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को एक अच्छी सुविधा प्राप्त हो रही है। जिससे उन्हें यहां रहने में किसी भी तरह की समस्या ना हो और आगे भी इनमें सुधार कार्य जारी रहेंगे।





