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21 लाख के बिल माफी में जांच आगे बढ़ी, दस्तावेजों की होगी पड़ताल सीएमएचओ की टीम करेगी बिल और उपचार रिकॉर्ड की जांच, गड़बड़ी मिली तो होगी वैधानिक कार्रवाई

    1. 21 लाख के बिल माफी में जांच आगे बढ़ी, दस्तावेजों की होगी पड़ताल

सीएमएचओ की टीम करेगी बिल और उपचार रिकॉर्ड की जांच, गड़बड़ी मिली तो होगी वैधानिक कार्रवाई

भोपाल, यश भारत। अपोलो सेज अस्पताल में मरीज पुष्पा चौहान के इलाज के दौरान सामने आए करीब 21 लाख रुपए के बिल के मामले में अब स्वास्थ्य विभाग की जांच पर निगाहें टिकी हैं। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में भर्ती के दौरान करीब 2.50 लाख रुपए जमा कराने के बाद करीब एक माह 21 दिन के उपचार के पश्चात उन्हें 21,15,438.52 रुपए का अनुमानित बिल बताया गया। विरोध और करणी सेना के आंदोलन के बाद करीब 13 लाख रुपए की राशि माफ किए जाने का दावा भी सामने आया था।

मामले में सीएमएचओ मनीष शर्मा ने जांच के लिए टीम गठित किए जाने की पुष्टि की है। अब जांच टीम अस्पताल से मरीज के उपचार से संबंधित दस्तावेज  दवाइयों का रिकॉर्ड  जांच रिपोर्ट  विभिन्न चिकित्सकीय सेवाओं का विवरण भुगतान की रसीदें और बिलिंग से जुड़े रिकॉर्ड हासिल कर उनका परीक्षण कर सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मरीज के परिजनों को उपचार के दौरान खर्च और बढ़ते बिल की जानकारी किस स्तर पर दी गई थी।

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13 लाख की माफी भी जांच के दायरे में

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित तौर पर माफ की गई करीब 13 लाख रुपए की राशि भी होगी। टीम यह पता लगाएगी कि मूल बिल कितना था  किस आधार पर राशि में कमी की गई और इसके संबंध में अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या दस्तावेज मौजूद है या नहीं।

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पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसी तरह की स्थिति का सामना पहले किसी अन्य मरीज के परिजनों को भी करना पड़ा है। हालांकि फिलहाल किसी अन्य मामले को इससे जोड़ना उचित नहीं होगा। यदि जांच में बिलिंग प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है तो स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है।

फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। आगामी दिनों में जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि 21 लाख रुपए का बिल किन सेवाओं के आधार पर बना  कथित 13 लाख रुपए की माफी क्यों की गई और अस्पताल की बिलिंग प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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