इबोला वायरस को लेकर भारत अलर्ट, एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर सख्त स्क्रीनिंग शुरू
केंद्र ने राज्यों के साथ की हाई लेवल बैठक

नई दिल्ली: इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बंदरगाह और एंट्री पॉइंट्स पर विदेशों से आने वाले यात्रियों की सख्त स्क्रीनिंग के निर्देश जारी किए हैं।
अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
इबोला वायरस इस समय कांगो, युगांडा, सूडान, गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन समेत कई अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहा है। संक्रमण से अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 500 लोग संक्रमित बताए जा रहे हैं।
संक्रमित देशों से आने वालों पर विशेष नजर
सरकार ने एडवाइजरी में कहा है कि इन देशों से आने वाले या वहां से होकर भारत पहुंचने वाले यात्रियों की विशेष जांच की जाए। खासकर कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।
लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यदि यात्रियों में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी-दस्त या शरीर से रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ डेस्क या स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी दें।
केंद्र ने राज्यों के साथ की हाई लेवल बैठक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हाई लेवल बैठक कर संक्रमण से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। केंद्र सरकार ने राज्यों को SOP जारी कर स्क्रीनिंग, क्वारेंटाइन, लैब टेस्टिंग और केस मैनेजमेंट को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना जैसी लापरवाही न हो: स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इबोला को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।
फिलहाल भारत में नहीं मिला कोई मामला
राहत की बात यह है कि अभी तक भारत में इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्र सरकार किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।







