सनातन संस्कृति के अनुरूप वनों में सभी वन्यजीवों की उपस्थिति के लिए राज्य सरकार संकल्पित: सीएम डॉ. मोहन यादव

सनातन संस्कृति के अनुरूप वनों में सभी वन्यजीवों की उपस्थिति के लिए राज्य सरकार संकल्पित: सीएम डॉ. मोहन यादव
मध्यप्रदेश बना चीता और घड़ियाल स्टेट, अब किंग कोबरा और गैंडा लाने की तैयारी
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति के अनुसार हमारे वनों में सभी प्रकार के वन्यजीवों की उपस्थिति होनी चाहिए और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की दृढ़ संकल्प शक्ति के कारण ही आज मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर ‘चीता स्टेट’ बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को दोबारा बसाना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन वन विभाग ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए चीतों का एक सुरक्षित घर तैयार किया है।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने २२ मई को भोपाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (IIFM) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) के प्री-समिट इवेंट को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
100 साल बाद हुई जंगली भैंसों की वापसी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने धरती पर 100 साल बाद 8 जंगली भैंसों की वापसी कराकर कान्हा नेशनल पार्क की जैव विविधता को समृद्ध किया है। इसके साथ ही राज्य में दुर्लभ प्रजाति के 33 कछुओं, घड़ियाल और गिद्धों का सफल संरक्षण किया गया है। भोपाल से छोड़ा गया एक गिद्ध तो उड़कर उज्बेकिस्तान तक पहुंच चुका है। डॉ. यादव ने आगामी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब किंग कोबरा और गैंडा लाने की भी तैयारी चल रही है, तथा वन्यजीवों के त्वरित उपचार के लिए नेशनल पार्कों के पास रेस्क्यू सेंटर बनाए जा रहे हैं।
जिसे बना नहीं सकते, उसे बिगाड़ें नहीं: भूपेंद्र यादव
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें जैव विविधता के संरक्षण में ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के भाव को रखना चाहिए। धरती से ही हमें भोजन, दवाई और जीवन मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के अपने लक्ष्य का ९० प्रतिशत हिस्सा समय से पहले ही हासिल कर लिया है और 2030 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने दुनिया की भीषणतम त्रासदियों में शामिल भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट के संपूर्ण निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की विशेष सराहना की।
घर की बालकनी में बनाएं छोटा बायो-डायवर्सिटी पार्क
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर काम कर रही २ लाख से अधिक जैव विविधता समितियों की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी बालकनी में पौधों के साथ पक्षियों के लिए घोंसले रखें और घरों में ही छोटा जैव विविधता पार्क विकसित करें। कूनो नेशनल पार्क के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि देश में अब चीतों की कुल संख्या ५३ हो गई है, जिनमें से ३३ चीतों का जन्म भारत की धरती पर ही हुआ है।
अनेक नवाचारों और पोर्टल्स का हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए २० विशेष बाइक और एक रेस्क्यू ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग का ‘माय स्टैंप’, चीता संरक्षण ब्रोशर और ‘भारत की बायो डायवर्सिटी रिपोर्ट 2026 का विमोचन किया गया। साथ ही ‘एबीएस एंड टू एंड पोर्टल’ का शुभारंभ और आईआईएफएम की ‘डेटा ड्रिवन लैब’ का सिंगल क्लिक से लोकार्पण भी संपन्न हुआ।







