कागजी नहीं, बिल्कुल असली है ‘इंडिया की ग्रोथ स्टोरी’: राहुल बाजोरिया
2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की चुनौती: तेल की कीमतें और ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए सबसे बड़े 'स्पीड ब्रेकर'

कागजी नहीं, बिल्कुल असली है ‘इंडिया की ग्रोथ स्टोरी’: राहुल बाजोरिया
बैंक ऑफ अमेरिका के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट राहुल बाजोरिया ने एक पॉडकास्ट में कहा कि भारत की विकास दर कोई कागजी मायाजाल नहीं, बल्कि एक जमीनी हकीकत है। यह चारों तरफ चल रहे निर्माण कार्यों और युवाओं के रोजगार से साफ दिखाई देती है। हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए देश को कुछ कड़े आर्थिक फैसले लेने होंगे।
बाजोरिया के अनुसार, मिडल ईस्ट के संकट के कारण तेल की कीमतों में आने वाला उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर है। सरकार को ‘प्राइस स्पाइरल’ की इस समस्या को जड़ से खत्म कर ‘ऊर्जा सुरक्षा’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
इसके अलावा, उन्होंने विदेशी निवेश (FDI) के लिए चीन पर निर्भरता कम करने और स्मार्टफोन की तरह सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों को राज्यों के स्तर पर ‘मिशन मोड’ में लागू करने की सलाह दी। उन्होंने आगाह किया कि भारत के पास डेमोग्राफिक डिविडेंड (युवा आबादी) का केवल 15 से 17 साल का ही अवसर बचा है। यदि इस दौरान युवा महिलाओं और पुरुषों को नई टेक्नोलॉजी के साथ काम पर नहीं लगाया गया, तो यह ऐतिहासिक मौका हाथ से निकल जाएगा।







