भोपालमध्यप्रदेश

कोलार रोड पर टाइगर मूवमेंट: जंगल और शहर की सीमाओं का बढ़ता दायरा

कोलार रोड पर टाइगर मूवमेंट: जंगल और शहर की सीमाओं का बढ़ता दायरा

भोापाल, यसभारत। राजधानी  के कोलार रोड इलाके में अमरनाथ रोड से जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी की ओर जाने वाले मार्ग पर गुरुवार रात एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा है। कोलार थाना पुलिस की डायल-112 टीम को गश्त के दौरान यह टाइगर नजर आया, जिसका 16 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में बाघ सड़क किनारे जाली के पार शांति से बैठा दिखाई दे रहा है। हालांकि इस घटना के बाद वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन यह मामला केवल एक वन्यजीव के सड़क पर आने भर का नहीं है, बल्कि यह इंसानी बस्तियों और वन्यजीवों के साझा होते प्राकृतिक गलियारों की ओर एक गंभीर इशारा है।

25 किलोमीटर के दायरे में बाघों का मजबूत डेरा
पर्यावरणविदों और जानकारों के अनुसार, भोपाल के आसपास करीब 25 किलोमीटर का दायरा बाघों का प्रमुख रहवास क्षेत्र बन चुका है। कलियासोत डैम, चंदनपुरा, केरवा और अमरनाथ रोड के आसपास के जंगलों में लगातार बाघों की चहल-कदमी बनी रहती है। स्थिति यह है कि भोपाल के कलियासोत, केरवा, समरधा, अमोनी और भानपुर के दायरे में करीब 13 ‘रेसिडेंशियल’ बाघ मौजूद हैं, जिनका जन्म यहीं हुआ है और इस क्षेत्र पर उनका पूरी तरह दबदबा है। बाघिन टी-123 का कुनबा हो या समय-समय पर भोज यूनिवर्सिटी कैंपस और कोलार की बस्तियों के पास दिख-ने वाले बाघ, यह इस बात का प्रमाण है कि शहर और जंगल की सीमाएं अब एक-दूसरे में मिलती जा रही हैं।

विकास और प्रकृति के बीच बढ़ता टकराव
विशेषज्ञों का मानना है कि जब-जब शहर में मास्टर प्लान, भूमि उपयोग या शहरी विस्तार की चर्चाएं तेज होती हैं, तब-तब ये वन्यजीव अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर जंगल और कंक्रीट के जंगलों (शहरी विस्तार) के बीच की खींचतान का अहसास करा देते हैं। कलियासोत और केरवा का यह क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक गलियारा रहा है, लेकिन बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों के कारण इनके रास्ते लगातार प्रभावित हो रहे हैं।

यह घटना हर बार यह पुराना लेकिन अहम सवाल छोड़ जाती है कि क्या हम विकास और प्रकृति के बीच सही संतुलन बना पा रहे हैं? फिलहाल, वन विभाग ने इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय रहवासियों को रात या सुबह के वक्त पूरी सावधानी बरतने और इस सुनसान रास्ते पर अकेले न निकलने की हिदायत दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button