मध्य प्रदेश
विचारों से बदलती है दुनिया, शिक्षक ही गढ़ते हैं देश का भविष्य : विवेक तन्खा
गाडरवारा में शिक्षक दिवस समारोह में राज्यसभा सांसद ने शिक्षकों के योगदान को बताया सर्वोच्च

गाडरवारा, यश भारत। शिक्षक दिवस के अवसर पर गाडरवारा में आयोजित भव्य समारोह में राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जिनेश जैन द्वारा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। तन्खा ने अपने संबोधन में शिक्षा, विचार, नवाचार, सामाजिक बदलाव और शिक्षक की जिम्मेदारी पर विस्तार से विचार रखे।
विचार ही दुनिया में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत
विवेक तन्खा ने अपने संबोधन की शुरुआत एक प्रसंग से करते हुए कहा कि आज का दौर विचारों, नवाचार और नए विचारों का दौर है। उन्होंने एक शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच हुए संवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति वह नहीं है जिसके पास सबसे अधिक धन, बड़ी सेना या बड़ा साम्राज्य हो, बल्कि वह है जो अपने विचारों से समाज और दुनिया में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर ऐसे विचार और सोच विकसित करने में शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की सोच और व्यक्तित्व को आकार देने वाला निर्माता है।
गांधी, मार्टिन लूथर किंग और मदर टेरेसा को बताया महान शिक्षक
तन्खा ने महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और मदर टेरेसा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने अपने विचारों और कार्यों से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा और स्वराज का संदेश दिया, वहीं मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाकर समानता का संदेश दिया। मदर टेरेसा ने गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विचार समाज तक पहुंचाने और नई पीढ़ी में उन्हें विकसित करने के पीछे कहीं न कहीं शिक्षक की भूमिका जरूर होती है। शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप ही महान व्यक्तित्वों और अच्छे नागरिकों के निर्माण का कार्य करते हैं। राज्यसभा सांसद ने कहा कि देश की सोच, व्यवहार और चरित्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। वर्तमान पीढ़ी को आने वाली पीढ़ी से बेहतर समाज बनाने के लिए तैयार करने का दायित्व शिक्षकों पर है। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश या समाज वास्तव में तरक्की करना चाहता है तो उसे सबसे अधिक ध्यान शिक्षा और स्वास्थ्य पर देना चाहिए।
गाडरवारा से जुड़े महान व्यक्तित्वों को किया याद
विवेक तन्खा ने गाडरवारा और आसपास की धरती से जुड़े स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, महर्षि महेश योगी और आचार्य रजनीश का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तित्वों ने अपने विचारों और कार्यों से देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से जुड़े अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि राम जन्मभूमि मामले में उन्होंने उनके अधिवक्ता के रूप में पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद जी ने धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तन्खा ने आचार्य रजनीश के गाडरवारा से जुड़े विद्यार्थी जीवन का प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले एक स्कूल में जाने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आचार्य रजनीश इसी स्कूल की कक्षा में बैठते थे। इसके बाद उन्होंने स्कूल के विकास के लिए आर्थिक सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोच और विचार व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ समाज में भी बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। तन्खा ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता और वास्तविक नेता हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके सामने सम्मान से नतमस्तक होना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षक आने वाली पीढ़ियों को केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि उन्हें बेहतर नागरिक और बेहतर इंसान बनाने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।





