पूर्व महापौर पं. विश्वनाथ दुबे की 87वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि, जनसेवा के आदर्शों को किया याद
विश्वनाथ दुबे का संपूर्ण जीवन जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा

जबलपुर, यशभारत। शहर के पूर्व महापौर एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्व. पं. विश्वनाथ दुबे की 87वीं जयंती पर शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित नेहरू उद्यान में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा फिनेक्स परिवार के सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उनके दामाद सुमित कालिया एवं पुत्री गौरा दुबे कालिया ने कहा कि पं. विश्वनाथ दुबे का संपूर्ण जीवन जनसेवा, ईमानदारी और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि राजनीति को उन्होंने कभी निजी स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि अपने संसाधनों का उपयोग समाजहित के कार्यों में किया। फिनेक्स समूह भी उनके बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करता रहेगा।

वक्ताओं ने कहा कि पं. विश्वनाथ दुबे जैसे निष्कलंक, निष्ठावान और दूरदर्शी जनप्रतिनिधि विरले ही होते हैं। महापौर रहते हुए उन्होंने नगर निगम से कोई मानदेय नहीं लिया और शहर के विकास की मजबूत आधारशिला रखी। मॉडल रोड निर्माण और एशियाई विकास बैंक से विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने जैसे उनके प्रयास आज भी जबलपुर के विकास में मील का पत्थर माने जाते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत, विनय सक्सेना, विजय कांडा, डॉ. आलोक घंसौरिया, डॉ. आलोक मिश्रा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश राठौर ने किया।







