भोपाल के आंबेडकर मैदान में अतिथि शिक्षकों का हल्लाबोल, 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और 12 महीने के वेतन की मांग

भोपाल के आंबेडकर मैदान में अतिथि शिक्षकों का हल्लाबोल, 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और 12 महीने के वेतन की मांग
भोपाल, यशभारत। प्रदेश भर के हजारों अतिथि शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में आज राजधानी भोपाल के आंबेडकर मैदान में हुंकार भरी। ‘स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में शिक्षकों ने सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कर दिया कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए।
आश्वासनों का घड़ा भर चुका है
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अतिथि शिक्षक वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने चुनावी समय में जो वादे किए थे, वे आज तक केवल फाइलों में दबे हुए हैं। इस वादाखिलाफी से आहत हजारों अतिथि शिक्षकों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अब शिक्षकों का धैर्य जवाब दे चुका है और वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
प्रदर्शन में उठीं ये प्रमुख मांगें:
सेवा सुरक्षा: अतिथि शिक्षकों को 62 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की गारंटी दी जाए।
12 महीने का कार्यकाल: वर्तमान में सत्र आधारित नियुक्ति के बजाय, पूरे 12 महीने का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाए।
नीतिगत संरक्षण: अनुभवी अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता देते हुए विभागीय स्तर पर एक स्पष्ट और सुरक्षित नीति का निर्माण किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि वर्षों के अनुभव के बावजूद उन्हें अस्थाई मानकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है। इस आंदोलन के चलते शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है, यदि सरकार जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है।







