गौरव शिखर सम्मान 2026 का भव्य आयोजन
वरिष्ठ पत्रकार श्याम कटारे हुए सम्मानित,

जबलपुर। जनसेवा, समर्पण और लोककल्याण के प्रतीक रहे पूर्व विधानसना आराध्या स्व. दादा ईसरदास रोहाणी की पुण्य स्मृति में आयोजित ‘गौरव शिकार सम्मान-2026 समारोह बुवा को मानस भवन में गरिमामय कतावरण में संकाहुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री, मोहन यादव रहे। अध्यक्षता
लेफ्टिनेंट जनरल हर्तविंदर सिंह चंद्रा ने की, जबकि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, भजन एवं संस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इसके पक्षात शिक्षा, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, कुटुंब प्रबोधन, युवा
प्रेरणा, सनातन परंपरा, उद्योग, चिकित्सा, पत्रकारिता, सैन्य सेवा, विधि एवं न्याय सहित 12 क्षेत्रों में उखुष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘गौरव शिखर सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जमालपुर प्रतिभाओं और संस्कारों की धरती है, जिसने हमेशा समाज को दिशा देने
पत्रकारिता के क्षेत्र में कलम वीर गौरव तिसर समान हमारत के हर संक स्याम कट्टी को प्रदान किया गया जिसे उनके पुत्र और पुत्र करावी किया।

सभी का रहा सहयोग
कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्य सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नु, उच्च न्यायालय के पूर्व जस्टिस एचपी सिंह, विधायक
वाले व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने सभी सम्मानित विभूतियों को शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. सुनील मिश्रा के द्वारा किया गया।
माननीय अजय विश्नोई अभिलाष पांडे, नीरज सिंह लोधी, संतोष बरकडे तीर्थ एवं मेला क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यध विनोद गोटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, पराभारत संस्थापक आशीष शुक्रय, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संयोजक निशकजन प्रकोष्ठ स्संदीप रजक, महिला मोर्चा मध्य प्रदेश की अध्यक्ष मती अश्विनी परांजपे, भारतीय जनता पार्टी जबलपुर महानगर के अध्यक्ष रतेश सोनकर, ग्रामीण के अध्यक्ष राजकुमार पटेल,डॉ स्वाति गोडबोले, डॉ जितेंद्र ज्जामदार, सदानंद गोडबोले, मनीष गुप्ता, प्रशांत केसरवानी, नंदू यादव, अजय तिवारी, अनिल नंदवानी, रवि गुप्ता, राजा नागदेव, उज्जवल शुक्ल, संजीव चौधरी, चैतन्य भट्ट उज्जवल शुक्ला विपनव अग्रवाल, एड. संजय अग्रवाल डं राजेश धीरावापी, लवली अरोरा, डॉ सौरभ बड़ेरिया, संदीप विजन, राजनीत जैन, पंकज गोयल, अमित जसूजा, आशीष कोठारी, बसंत थोड़ावत, अञ्जु आग्रवाल, रोहित खटवानी, नितिन शर्मा, समर्थ जैन आरा, तारू खत्री, पवन समयड़िया, मोंटी कटारिया, सनी कुगानी, अजय ग्रोवर, महेश केमतानी, राजुल करसोलिया, प्रहलाद अग्रवाल, सभी सदस्य उपस्थित रहे।

फार्यक्रम के अंत में मती मनीषा रोहणी एवं विजय रोहणी के नेतृत्व में परिवार के सभी सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया इस अवसर पर दादा की स्मृति में एक पुस्तक का विमोचन भी कराया गया। उद्घोषक के रूप में सु प्रियंका सोनी सराही गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्लोबल इंस्टिट्यूट ऑफ़इंजीनियरिंग एंड एंड मैनेजमें मैनेजमेंट से डॉ बंदना पाठक एवं उनकी टीम, ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज से ज्योति मिश्रा डॉ शुक्ल एवं उनकी टीम द्वारा 3 घंटे की शानदार प्रस्तुति ने माहौल खुशनुमा बनाए रखा। अमित दुबे ने अपनी टीम के साथ भजनों से समां बांधा।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अनी के साथ यशभारत के संपकरी शुक्ला
मुख्यमंत्री ने महाभारत काल का किया जिक्र
गौरव शिखर सम्मान-2026 समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महाभारत काल का जोख करते हुएदहपद-द्रोणाचार्य तथा भगवान मुष्ण सुदामा की गुरुकृत मित्रता का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय और परिस्थितियों के साथ रिश्तों और कर्तव्यों में बदलाव आत्ता है, जो जीवन का यथार्थ है। उन्होंने गुरुकुल परंपरा को भारतीय शिक्षा व्यवस्था की आत्मा बताते हुएकहा कि शिक्षा केवल जान नहीं, मंटिक संस्कार और जीवन मूल्यों का आधार है। उन्होंने अंत्योदय की भावना पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और मुस्कान पहुंचाने का प्रयास करें।

सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है रोहाणी परिवार
रोहागी परिचार हमेशा से सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा है। दावा ईश्वरदास रोहाणी द्वारा समाज सेवा परोपकार की जो परंपरा स्थापित की गई थी, उसे उनके परिवार के सदस्य निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। और उनके पुत्र अशोक रोहाणी और विजय रोहाणी इस विरासत को सक्रिय रूप से निभा रहे हैं। जहां एक और अशोक रोहाणी राजनीतिक क्षेत्र में दादा की परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं विजय रोहाणी भी पर्दे के पीछे से पूरी तन्मयता के साथ सहयोग कर सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में निरंतर रहते हैं। दोनों ही भाई सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। करते हैं। इस आयोजन के केंद्र में भी रोहाणी परिवार की सेवा भावना और उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।







