भोपाल

किराये पर ली गई कारों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश – 20 वाहन बरामद, छह आरोपी गिरफ्तार

किराये पर ली गई कारों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

– 20 वाहन बरामद, छह आरोपी गिरफ्तार
भोपाल, यश भारत । राजधानी के थाना अरेरा हिल्स पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों और ट्रेवल्स एजेंसियों से वाहन किराये पर लेने के बाद उन्हें अपना बताकर बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 कारें बरामद की हैं। जब्त वाहनों की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं पुलिस का दावा है कि गिरोह द्वारा 15 से 20 अन्य वाहन भी बेचे गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार 13 जून 2026 को विदिशा निवासी गौरव कुशवाह ने थाना अरेरा हिल्स में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी कार शैलेश जोशी द्वारा किराये पर ले जाने के बाद बिना अनुमति के बेच दी गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी शैलेश जोशी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस आयुक्त संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान, पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास कुमार शाहवाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेश जोशी को अयोध्या बायपास क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वाहन किराये पर लेने और बाद में उन्हें बेचने की बात स्वीकार की।
मुख्य आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने सीहोर निवासी वहीद अली, जयेन्द्र जोशी उर्फ किट्टू, अरुण नाथ, राजा मीणा और रोहन खान को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वाहन मालिकों को किराये पर गाड़ी चलाने का झांसा देते थे। वाहन अपने कब्जे में लेने के बाद वे खुद को उसका मालिक बताकर फर्जी अनुबंध तैयार करते थे और कई मामलों में बिना किसी दस्तावेज के ही गाड़ियां बेच देते थे। इस तरह आरोपियों ने लाखों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य कुछ ट्रेवल्स एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस अपराध को अंजाम देते थे। वाहन किराये पर लेने के बाद उन्हें दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेच दिया जाता था, जिससे वाहन मालिकों को लंबे समय तक धोखाधड़ी का पता नहीं चल पाता था। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 20 कारें बरामद की हैं। मामले में आपराधिक न्यास भंग, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस फरार आरोपी विश्वजीत गौर और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील शर्मा, उप निरीक्षक सिंह परमार, मीना बघेल, सहायक उप निरीक्षक रवीन्द्र कांबले तथा थाना अरेरा हिल्स की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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