हमीदिया अस्पताल का ए ब्लॉक मरीजों से भरा , पर्ची काउंटर पर लगी लंबी कतारें

हमीदिया अस्पताल का ए ब्लॉक मरीजों से भरा , पर्ची काउंटर पर लगी लंबी कतारें
– सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े, स्वाइन फ्लू की जानकारी से भी बढ़ी चिंता
भोपाल, यश भारत । मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। इसका असर शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल हमीदिया अस्पताल की ओपीडी पर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को अस्पताल के ए ब्लॉक में मरीजों की भारी भीड़ रही। सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिसके चलते पर्ची काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं।
पर्ची बनवाने के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण से परेशान मरीज उपचार के लिए पहुंचे। मरीजों की संख्या बढ़ने से पंजीयन और ओपीडी व्यवस्था पर भी दबाव दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि मौसम बदलने के साथ बीमारियों का असर बढ़ रहा है और इलाज के लिए अस्पताल आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
स्वाइन फ्लू की जानकारी से बढ़ी चिंता
हमीदिया अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन अथवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। ऐसे में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
भीड़ में संक्रमण का खतरा
अस्पताल में बढ़ती भीड़ के बीच मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक संपर्क से बचना, हाथों की नियमित सफाई रखना और खांसी-जुकाम होने पर सावधानी बरतना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।
मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, तेज खांसी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
फिलहाल हमीदिया की ओपीडी में उमड़ रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि मौसमी बीमारियों का असर बढ़ रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के सामने मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच पंजीयन और उपचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
डॉ रविन्द्र शर्मा का कहना है की बदलते मौसम का असर लोगों के स्वस्थ्य पर पड़ रहा है। खुले में रखे खाद्य सामग्री के सेवन से बचें और किसी भी तरह की तकलीफ होने पर चिकित्सक की सलाह लें।







